विज्ञान युग में अंधविश्वास का खुलेआम खेल, चड़राई चौराहे के पास बाबा का पाखंड, एसपी को दी जा रही खुली चुनौती

Share this news

रिपोर्ट: रायबरेली, कड़क टाइम्स

रायबरेली। एक ओर देश चंद्रयान, डिजिटल इंडिया और आधुनिक विज्ञान की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रायबरेली जनपद के ऊंचाहार थाना क्षेत्र में अंधविश्वास का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जो समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। चड़राई चौराहे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर जमुनापुर रोड स्थित एक मंदिर इन दिनों आस्था नहीं बल्कि अंधविश्वास, झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का अड्डा बन चुका है। यहां खुद को “बाबा” बताने वाला एक व्यक्ति भोले-भाले लोगों की मजबूरी, डर और बीमारी को अपना हथियार बनाकर खुलेआम अवैध कमाई कर रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्वयंभू बाबा भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा, ग्रह दोष और पारिवारिक संकट का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा है। दूर-दराज के ग्रामीण, महिलाएं और कमजोर तबके के लोग अपनी समस्याओं का समाधान पाने की उम्मीद में यहां पहुंचते हैं, जहां उन्हें scientific इलाज या सही सलाह के बजाय डर, अफवाह और झूठे चमत्कारों के जाल में फंसा दिया जाता है। झाड़-फूंक के नाम पर घंटों तमाशा चलता है और अंत में “दक्षिणा” के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। यह पूरा खेल सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थान पर बेखौफ तरीके से चल रहा है।

 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पाखंड ऐसे समय में फल-फूल रहा है, जब रायबरेली पुलिस अपराध, धोखाधड़ी और अंधविश्वास के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे कर रही है। कहा जा रहा है कि इस बाबा को न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का। उसकी गतिविधियां सीधे तौर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के आदेशों और जिले की law and order व्यवस्था को खुली चुनौती देती नजर आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती, तो यह ढोंग और ज्यादा लोगों को शिकार बना सकता है।

ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों में इस पूरे मामले को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर न केवल आर्थिक शोषण किया जा रहा है, बल्कि समाज को पीछे धकेलने का काम भी हो रहा है। बच्चों, महिलाओं और बीमार लोगों को डराकर मानसिक रूप से कमजोर किया जा रहा है, जिससे कई बार गंभीर सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बाबा के पास कथित तौर पर “तंत्र विद्या” के नाम पर आपत्तिजनक वस्तुएं रखी जाती हैं, जिससे माहौल और भयावह बन जाता है।

स्थानीय स्तर पर यह सवाल अब जोर पकड़ने लगा है कि आखिर पुलिस और प्रशासन की नजर इस पूरे मामले पर क्यों नहीं पड़ रही। चड़राई चौराहा क्षेत्र पहले से ही व्यस्त इलाका है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे चल रहा यह पाखंड पुलिस गश्त और intelligence system दोनों पर सवाल खड़े करता है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऊंचाहार पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करे, बाबा की गतिविधियों पर रोक लगाए और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करे।


Share this news
  • Related Posts

    क्या आपने देखा है बदलता हुआ डाकघर? सूरत में पोस्टमास्टर जनरल का दौरा बना चर्चा का विषय?

    Share this news

    Share this newsरिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स डाकघर—जिसे कभी केवल चिट्ठियों और मनीऑर्डर तक सीमित माना जाता था—आज तेजी से modern service system में बदल रहा…


    Share this news

    दिनदहाड़े मिट्टी खोद रहे थे ट्रैक्टर, अचानक पहुंचे अफसर और मच गया हड़कंप—आखिर कब तक चलता रहता ये खेल?

    Share this news

    Share this newsरिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स महराजगंज, रायबरेली। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन को लेकर आखिरकार तहसील प्रशासन हरकत में नजर…


    Share this news

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *