जब हाथ में आया Job Offer Letter तो आंखों में छलक पड़ी खुशी… आखिर एनटीपीसी ने ऐसा क्या कर दिया?

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रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली जनपद के ऊंचाहार क्षेत्र में उस समय खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब एनटीपीसी ऊंचाहार के आसपास के गांवों से जुड़े 40 युवक-युवतियों को एक साथ जॉब ऑफर लेटर प्राप्त हुए। ऑफर लेटर हाथ में आते ही लाभार्थियों की बांछे खिल उठीं और उन्होंने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत बताया। रोजगार की तलाश में भटक रहे इन युवाओं के लिए यह मौका किसी सपने के सच होने जैसा था। सभी चयनित अभ्यर्थियों ने इस अवसर के लिए एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति दिल से आभार जताया और इसे अपने भविष्य की मजबूत नींव करार दिया।

यह पूरा प्रयास सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET) के माध्यम से किया गया, जिसके तहत ऊंचाहार परियोजना क्षेत्र के युवक एवं युवतियों को प्लास्टिक प्रोसेसिंग में छह माह का विशेष Skill Development Training दिया गया। यह प्रशिक्षण पूरी तरह व्यावहारिक और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप था, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जा सके। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन अभ्यर्थियों का देश और विदेश की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में सफलतापूर्वक प्लेसमेंट कराया गया, जो इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।

प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और जॉब ऑफर लेटर प्रदान करने के लिए एनटीपीसी ऊंचाहार परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख बिश्व मोहन सिंह, अन्य महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा संबंधित ग्राम प्रधानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच से जब एक-एक कर युवाओं को प्रमाण पत्र और ऑफर लेटर सौंपे गए, तो सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। यह दृश्य केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतरते हुए दिखा रहा था।

परियोजना प्रमुख बिश्व मोहन सिंह ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एनटीपीसी के लिए गर्व का विषय है कि चयनित अभ्यर्थियों में लगभग 50 प्रतिशत बालिकाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न सिर्फ रोजगार सृजन का माध्यम है, बल्कि Women Empowerment की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मिले हुए अवसर का पूरा लाभ उठाएं, मेहनत और ईमानदारी से काम करें और अपने परिवार व समाज का नाम रोशन करें।

कार्यक्रम के दौरान चयनित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें न सिर्फ तकनीकी ज्ञान मिला, बल्कि discipline, confidence और industry exposure भी प्राप्त हुआ। कई युवाओं ने कहा कि पहले उन्हें रोजगार को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी, लेकिन अब हाथ में ऑफर लेटर आने के बाद उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने एनटीपीसी और सीपेट दोनों संस्थानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है।

इस अवसर पर सीपेट के कौशल विकास विभाग के प्रमुख के. पी. सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में skill-based education ही रोजगार की कुंजी है। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी द्वारा युवाओं के लिए किए जा रहे प्रयास वास्तव में सराहनीय हैं, क्योंकि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और पलायन भी रुक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रमों की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यक्रम में मौजूद ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने भी एनटीपीसी की इस पहल की प्रशंसा की। उनका कहना था कि बड़े उद्योग यदि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दें, तो क्षेत्र का समग्र विकास संभव है। एनटीपीसी ऊंचाहार द्वारा किया गया यह प्रयास न सिर्फ रोजगार देने तक सीमित है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी का भी बेहतरीन उदाहरण है।


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