रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। जिले से एक बेहद भावनात्मक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक सोच दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह माह की गर्भवती मुस्लिम महिला अपने हिंदू पति की तलाश में भटक रही है और उसे आशंका है कि उसके ससुराल पक्ष ने उसके पति को जबरन लापता कर दिया है। महिला का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
पीड़िता रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। महिला के अनुसार उसकी मुलाकात दीनू सिंह नामक युवक से हुई थी, जो थाना डलमऊ क्षेत्र के ग्राम बडेरवा का निवासी है। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता धीरे-धीरे प्रेम में बदल गया। आपसी सहमति से दोनों ने 25 फरवरी 2025 को अनुबंध के माध्यम से विवाह किया, जिसके बाद वे हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
महिला का कहना है कि शादी के बाद दोनों ने गैर जनपद में रहकर अपनी नई जिंदगी शुरू की। आगरा में रहकर उन्होंने spa और beauty parlour जैसे छोटे व्यवसाय से अपने जीवनयापन की शुरुआत की। इसी दौरान महिला गर्भवती हो गई और वर्तमान में वह छह माह की गर्भावस्था में है। महिला के मुताबिक उनका वैवाहिक जीवन सामान्य और सुखद चल रहा था, लेकिन इस रिश्ते से पति के परिवारजन नाखुश थे।
पीड़िता का आरोप है कि उसके पति के भाई और अन्य परिजन इस अंतरधार्मिक विवाह से बेहद नाराज थे और लगातार धमकी दे रहे थे। महिला का कहना है कि उसे और उसके पति को डराने का प्रयास किया जाता था, ताकि वे अलग हो जाएं। इसी बीच दिसंबर 2025 के मध्य में पति के भाई द्वारा फोन कर गांव में किसी पारिवारिक कार्यक्रम का हवाला देते हुए पति को बुलाया गया और पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिया गया।
महिला के अनुसार उसका पति 26 दिसंबर 2025 को आगरा से रायबरेली के लिए रवाना हुआ, लेकिन इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। न तो फोन पर संपर्क हो सका और न ही ससुराल पक्ष से कोई स्पष्ट जानकारी मिली। महिला का आरोप है कि जब उसने पति के परिजनों से जानकारी लेने की कोशिश की, तो उसे टालमटोल जवाब दिए गए और सच छिपाया गया।
पीड़िता को आशंका है कि उसके पति के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है या उसे जानबूझकर कहीं छिपा कर रखा गया है। महिला ने इस संबंध में डलमऊ थाने में लिखित शिकायत भी दी, लेकिन आरोप है कि वहां उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया और उसे बिना कार्रवाई के लौटा दिया गया।
खुद को असहाय महसूस कर रही महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस अधीक्षक से भी गुहार लगाई है कि उसके पति की तत्काल तलाश कराई जाए। महिला का कहना है कि वह गर्भवती होने के बावजूद लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे केवल आश्वासन ही मिले हैं।
महिला ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि उसके पति के साथ कोई अपराध हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उसका कहना है कि उसे न सिर्फ अपने पति की चिंता है, बल्कि अपने होने वाले बच्चे के भविष्य को लेकर भी वह बेहद डरी हुई है।





