दिनदहाड़े मिट्टी खोद रहे थे ट्रैक्टर, अचानक पहुंचे अफसर और मच गया हड़कंप—आखिर कब तक चलता रहता ये खेल?

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

महराजगंज, रायबरेली। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन को लेकर आखिरकार तहसील प्रशासन हरकत में नजर आया। गुरुवार को कलंदरगंज क्षेत्र के पास दिनदहाड़े मिट्टी खनन कर रहे दो ट्रैक्टरों को नायब तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस ने जब्त कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। अचानक हुई इस कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मच गया, वहीं स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

बताया जा रहा है कि जैसे ही अवैध खनन की सूचना नायब तहसीलदार उमेश चंद्र त्रिपाठी को मिली, उन्होंने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहुंचते ही यह साफ हो गया कि नवोदय विद्यालय के पीछे, कलंदरगंज इलाके में खुलेआम और पूरी बेखौफी के साथ मिट्टी का खनन किया जा रहा था। ट्रैक्टर और खुदाई करने वाली मशीनें दिन के उजाले में काम कर रही थीं, मानो किसी तरह का कोई डर ही न हो। नायब तहसीलदार ने तत्काल कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए कि अवैध खनन में लगे वाहनों को जब्त किया जाए।

स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कोई एक-दो दिन का मामला नहीं है, बल्कि कई दिनों से यह अवैध खनन चल रहा था। उनका कहना है कि खनन माफिया ट्रैक्टरों और heavy machines के जरिए लगातार मिट्टी निकाल रहे थे और उसे आसपास के इलाकों में खपाया जा रहा था। लोगों का आरोप है कि पुलिस को इस पूरे खेल की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही थी। क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि बिना किसी protection के दिनदहाड़े खनन करना संभव नहीं है, जिससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने खनन में लगे दो ट्रैक्टरों के साथ खुदाई करने वाली मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोग वहां से भागते नजर आए, जबकि कुछ खामोशी से तमाशबीन बने रहे। प्रशासन की इस सख्ती को देखकर लोगों में यह चर्चा शुरू हो गई कि शायद अब अवैध खनन पर लगाम कसी जाएगी।

इस पूरे मामले पर उपजिलाधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि अवैध खनन करते हुए पकड़े गए दो ट्रैक्टरों को सीज कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले दिनों में ऐसे इलाकों में और भी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, जहां अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं।

गौरतलब है कि अवैध खनन न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। मिट्टी के अंधाधुंध खनन से जमीन की उर्वरता प्रभावित होती है, जलस्तर गिरता है और भविष्य में बड़े हादसों की आशंका भी बनी रहती है। इसके बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन इसी तरह नियमित रूप से monitoring करता रहे, तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। लोगों ने यह भी मांग की है कि सिर्फ वाहनों को सीज करने तक ही कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि इसके पीछे जो लोग हैं, उन पर भी कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि यह एक example बन सके।


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