कड़कड़ाती ठंड में मानवता की गरमाहट: मऊ ग्राम पंचायत में 1500 गरीबों तक पहुँचा सेवा का कंबल, सत्येंद्र प्रताप सिंह बने सहारा

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

महराजगंज/रायबरेली: जब पूरा उत्तर भारत भीषण cold wave की चपेट में है और रातों की सर्द हवाएं हड्डियों तक को कंपा रही हैं, ऐसे समय में मऊ ग्राम पंचायत से मानवता को सुकून देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां बीते तीन दिनों से लगातार गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरण का अभियान चलाया जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में एक positive message फैला दिया है। इस सामाजिक सेवा कार्य का नेतृत्व मऊ सर्की गांव निवासी पूर्व प्रमुख एवं वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि तथा भाजपा नेता सत्येंद्र प्रताप सिंह कर रहे हैं, जिनकी अगुवाई में गांव-गांव और घर-घर जाकर ठंड से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान अब तक करीब 1500 गरीब वृद्धों, बेसहारा महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को कंबल दिए जा चुके हैं। यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ground level पर की जा रही real service है, जिसमें स्वयं सत्येंद्र प्रताप सिंह हर व्यक्ति से मिलकर कंबल दे रहे हैं और उनका हालचाल पूछ रहे हैं। ठंड से कांपते बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरे पर जब कंबल पाकर मुस्कान लौटती है, तो यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल छू लेने वाला होता है।

टेलीफोनिक बातचीत में सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह सेवा कार्य उनके लिए कोई नया नहीं है। वे हर वर्ष जनवरी के महीने में इसी तरह का blanket distribution program नियमित रूप से करते आ रहे हैं। उनका साफ कहना है कि गरीबों की सेवा ही सच्ची पूजा है और इसमें किसी तरह का दिखावा या राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि समाज में जिन लोगों को भगवान ने देने की क्षमता दी है, उन्हें जरूर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, तभी समाज आगे बढ़ता है।

उन्होंने भावुक स्वर में अपने पिता स्वर्गीय गोकुल सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता ने ही उन्हें यह संस्कार दिया कि समाजसेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। स्वर्गीय गोकुल सिंह जीवन भर गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करते रहे और उसी परंपरा को वे आज भी आगे बढ़ा रहे हैं। सत्येंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें राजनीति से ज्यादा संतोष तब मिलता है जब किसी गरीब के चेहरे पर राहत और उम्मीद दिखाई देती है।

इस बार कंबल वितरण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक अलग strategy अपनाई गई है। पिछले वर्षों में यह कार्यक्रम मऊ बाजार स्थित रामलीला मैदान में आयोजित किया जाता रहा था, जहां लोग आकर कंबल लेते थे, लेकिन इस साल सत्येंद्र प्रताप सिंह ने फैसला किया कि कोई भी महिला या बुजुर्ग सिर्फ इस वजह से कंबल से वंचित न रह जाए कि वह चलकर कार्यक्रम स्थल तक नहीं आ सकता। इसी सोच के साथ उन्होंने घर-घर जाकर प्रत्येक महिला सदस्य को कंबल देने का लक्ष्य रखा है, जिसे उनकी टीम पूरी निष्ठा और dedication के साथ पूरा कर रही है।

इस सेवा अभियान में ग्राम प्रधान भोलई मौर्य, रमेश सिंह (विधायक), आशीष सिंह, शुभम सिंह, दीपक सिंह, रज्जू, काली प्रसाद, रामदीन सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। सभी लोग सुबह से शाम तक गांव की गलियों में घूम-घूमकर जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें कंबल सौंप रहे हैं, जिससे यह अभियान एक mass movement का रूप लेता जा रहा है।


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