रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, शाखा रायबरेली द्वारा शहर के ऐतिहासिक इंदिरा उद्यान में सामाजिक समरसता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का माहौल अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी और उत्साह से परिपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक, परिषद के पदाधिकारी, सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन रायबरेली के सामाजिक जीवन में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप प्रभागीय वन अधिकारी मयंक अग्रवाल रहे। उन्होंने अपने प्रभावशाली संबोधन में पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य विशेष अवसरों पर कम से कम एक छायादार पौधा लगाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, बेहतर जलवायु और सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्य न होकर एक जिम्मेदारी है, जिसे हमें lifestyle का हिस्सा बनाना चाहिए। उनका यह संदेश उपस्थित लोगों के बीच विशेष रूप से सराहा गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक श्रीवास्तव एवं रवि शंकर की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अधिकारियों ने भी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में समाज की भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताते हुए परिषद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक संगठनों की सक्रिय भूमिका से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
भारत विकास परिषद, रायबरेली के अध्यक्ष एडवोकेट अरविन्द श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार, संपर्क और पर्यावरण जैसे मूल मंत्रों के साथ समाज में सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उनका कहना था कि समाज तभी आगे बढ़ेगा जब सभी वर्ग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समानता के भाव से एक-दूसरे के साथ खड़े होंगे। उन्होंने परिषद द्वारा समय-समय पर किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कार्यों का भी उल्लेख किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजिका निशा सिंह एवं कोऑर्डिनेटर किरन मिश्रा का विशेष योगदान रहा। दोनों ने पूरे कार्यक्रम की planning से लेकर execution तक सक्रिय भूमिका निभाई, जिसकी उपस्थितजनों ने मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम का संचालन परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश कक्कड़ ने अपने सुव्यवस्थित और प्रभावी अंदाज में किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।
कार्यक्रम में परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष नवल किशोर बाजपेई, पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, गजानन खुबेले, कमलेश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. अमिता खुबेले सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा परिषद की प्रथम महिला सीमा श्रीवास्तव, वाणी पाण्डेय, देवेंद्र श्रीवास्तव, नीरज गुप्ता, अरुण सिंह चंदेल, सविता सिंह, सी. पी. सिंह, नीलमा श्रीवास्तव, नीलम शर्मा, स्नेहलता श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र शर्मा, पवन श्रीवास्तव, अजय मिश्रा, विभा श्रीवास्तव, ऊषा त्रिवेदी, ज्योति अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सदस्यों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया और सामाजिक समरसता के संदेश को आत्मसात किया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में राकेश मिश्रा, हरिश्चंद्र शर्मा, सीमा श्रीवास्तव एवं राजा राम मौर्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित किए जाने पर पूरे परिसर में तालियों की गूंज सुनाई दी, जिसने कार्यक्रम के उत्साह को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर परिषद के सचिव अजय त्रिवेदी ने सभी अतिथियों, सदस्यों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ लोगों को आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे social और environment friendly कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।





