रिपोर्ट: मायालक्ष्मी मिश्रा | रायबरेली, उत्तर प्रदेश | कड़क टाइम्स
रायबरेली जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में “हर घर तिरंगा लहराएगा” कार्यक्रम के अंतर्गत देशभक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। इस अभियान को लेकर बच्चों में जोश और जागरूकता की मिसाल पेश की गई। न सिर्फ तिरंगे की प्रदर्शनी आयोजित हुई बल्कि शिक्षकों ने भी बच्चों को आज़ादी की लड़ाई, राष्ट्रीय प्रतीकों और देशप्रेम की भावना से परिचित कराया।
तिरंगा प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
“हर घर तिरंगा” अभियान के तहत जनपद के बालिका इंटर कॉलेज, शंकरपुर इंटर कॉलेज, राजकीय हाईस्कूल बेला-भेला, राजकीय बालिका हाईस्कूल जगतपुर, राजकीय हाईस्कूल रोझैयाभीखमशाह समेत अन्य माध्यमिक विद्यालयों में विशेष तिरंगा प्रदर्शनी आयोजित की गई। इन प्रदर्शनी में बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, उसके रंगों का महत्व और इसकी गरिमा के बारे में जानकारी दी गई।
छात्र-छात्राओं ने भारत के तिरंगे को न सिर्फ देखा बल्कि इसके पीछे छिपे विचारों को भी समझा — केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद शांति और सच्चाई का और हरा विकास और समृद्धि का। इसके साथ ही चक्र का संदेश है – प्रगति और सतत विकास।
ऑडियो-विजुअल माध्यम से बढ़ी समझ
विद्यालयों में बच्चों को “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम से संबंधित डॉक्युमेंट्री और वीडियो भी दिखाए गए। इन विडियो में भारत की स्वतंत्रता की यात्रा, हमारे राष्ट्रीय झंडे का विकास, और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को दर्शाया गया। इससे बच्चों को केवल जानकारी नहीं मिली, बल्कि भावनात्मक रूप से भी वे जुड़ सके।
बच्चों ने इन वीडियो को गंभीरता से देखा और बाद में अपने विचार भी साझा किए। शिक्षकों ने इन अवसरों का उपयोग कर बच्चों को प्रेरणादायक कहानियों से अवगत कराया, जिससे उनमें देश के प्रति गर्व की भावना और गहरी हुई।
चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्ति
इस कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहा चित्रकला प्रतियोगिता। बच्चों ने “हर घर तिरंगा”, “भारत माता”, “स्वतंत्रता सेनानी” जैसे विषयों पर अपनी कला से देशप्रेम को अभिव्यक्त किया। कुछ बच्चों ने भगत सिंह, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे नायकों की तस्वीरें बनाईं।
चित्रों को देखकर यह साफ नजर आया कि बच्चों ने न केवल रचनात्मकता दिखाई बल्कि अपने भीतर के राष्ट्रभक्ति के जज़्बे को भी सुंदर रंगों में पिरो दिया।
संवाद सत्रों में जागा आत्मगौरव
कार्यक्रम के अंतर्गत कई विद्यालयों में “राष्ट्र और नागरिक का कर्तव्य” विषय पर संवाद सत्र भी आयोजित किए गए। शिक्षकों ने बच्चों से चर्चा करते हुए उन्हें बताया कि तिरंगा केवल झंडा नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। इसके सम्मान की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है।
बच्चों को संविधान, स्वतंत्रता संग्राम और लोकतंत्र की मूल आत्मा से जोड़ते हुए शिक्षकों ने उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग किया। छात्रों ने भी इस चर्चा में भाग लिया और कई सवाल पूछे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह कार्यक्रम उनके लिए केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सीखने का मंच भी रहा।
पूरे जिले में कार्यक्रम की व्यापक गूंज
रायबरेली जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों ने इस अभियान को गंभीरता और गर्व के साथ अपनाया। कहीं पोस्टर लगाए गए, कहीं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, तो कहीं झांकी प्रस्तुत की गई। हर विद्यालय ने अपने तरीके से बच्चों में देशभक्ति का संदेश पहुंचाया।
अध्यापक, प्रधानाचार्य, अभिभावक और स्वयं छात्र-छात्राएं इस अभियान में समान रूप से जुड़े रहे, जिससे यह साफ हुआ कि “हर घर तिरंगा” अब एक जन-आंदोलन बन चुका है।
उद्देश्य केवल झंडा लहराना नहीं, विचार लहराना भी
इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना नहीं था, बल्कि छात्रों के भीतर आजादी, राष्ट्रीयता और जिम्मेदारी जैसे विचारों को पनपाना था। जब बच्चे झंडे का इतिहास जानते हैं, उसे अपने हाथों से बनाते हैं और उसके महत्व को महसूस करते हैं — तभी वे एक सच्चे जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होते हैं।
इस तरह की पहलें बच्चों में न सिर्फ देशभक्ति को जन्म देती हैं, बल्कि उन्हें बेहतर इंसान और सजग नागरिक भी बनाती हैं।
निष्कर्ष
“हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत रायबरेली जिले के माध्यमिक विद्यालयों में जो जागरूकता, सहभागिता और राष्ट्रप्रेम का माहौल बना, वह भविष्य की एक सकारात्मक दिशा की ओर इशारा करता है।
छात्रों ने न केवल तिरंगा फहराया, बल्कि उसका भावार्थ भी समझा और अपनाया। यह पहल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है।





