रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ रायबरेली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आधा दर्जन शातिर युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा की मौजूदगी में किया गया, जिससे पुलिस की सक्रियता और तेज कार्रवाई एक बार फिर सामने आई है।
पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के गांधी नगर मोहल्ले का है। यहां रहने वाले रामकृष्ण नामक व्यक्ति ने 21 दिसंबर को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके घर में घुसकर लूट की गई है। पीड़ित के अनुसार, घर में उस समय एक महिला अकेली मौजूद थी। आरोप है कि बदमाशों ने महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया और इसके बाद घर में रखे कीमती जेवरात व अन्य सामान लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी और सदर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार दबिश और गहन छानबीन के बाद पुलिस ने इस लूटकांड में शामिल छह युवकों को धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक, अवधेश, सौरभ, प्रिंस और पिंटू शामिल हैं, जो सभी लालगंज थाना क्षेत्र के बहाई गांव के निवासी बताए गए हैं। वहीं छठा आरोपी प्रदीप डलमऊ थाना क्षेत्र के पूरे घुसेन पखरौनी गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी पहले से आपस में संपर्क में थे और योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने लूट की घटना का सफल अनावरण करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है और सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराध करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है और आगे भी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये किसी अन्य वारदात में भी शामिल तो नहीं रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत हुआ है।





