रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
शिवगढ़, रायबरेली। शिवगढ़ क्षेत्र की रायपुर नेरुवा ग्राम पंचायत के प्रधान रतीपाल रावत को दो दिवसीय एक्सपोजर विजिट के लिए जनपद श्रावस्ती भेजा गया है। यह शैक्षणिक भ्रमण 26 और 27 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें रायबरेली जिले से कुल पांच ग्राम प्रधानों का चयन किया गया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अन्य जिलों में किए जा रहे सफल विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर अपनाई जा रही नई कार्यप्रणालियों को समझना है, ताकि उन्हें अपने गांवों में लागू किया जा सके।
ग्राम प्रधान रतीपाल रावत ने बताया कि एक्सपोजर विजिट से उन्हें ग्रामीण विकास से जुड़े कई नए विचार और अनुभव प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी उन्हें राज्य स्तर पर इस तरह के भ्रमण का अवसर मिल चुका है। बीते मार्च माह में उत्तर प्रदेश से 17 ग्राम प्रधानों को त्रिपुरा भेजा गया था, जिसमें रायबरेली जिले से उनका चयन किया गया था। लगातार दूसरी बार इस तरह के दौरे के लिए चुना जाना उनके द्वारा पंचायत में कराए गए कार्यों की सराहना का प्रमाण है।
रतीपाल रावत ने इस चयन पर प्रदेश सरकार और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रावस्ती जिले में किए गए विकास कार्यों को नजदीक से देखकर यह समझने का अवसर मिलेगा कि सीमित संसाधनों के बावजूद किस तरह योजनाओं को प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारा जा सकता है। उनका मानना है कि इस दौरे से पंचायत प्रबंधन, स्वच्छता, रोजगार सृजन और पंचायत की आय बढ़ाने से जुड़े व्यावहारिक अनुभव मिलेंगे।
ग्राम प्रधान ने यह भी बताया कि इससे पहले उनके परिवार से उनकी पुत्रवधू ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत को मुख्यमंत्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उस सम्मान के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग पंचायत के स्थायी विकास में किया गया। पंचायत क्षेत्र में दुकानों का निर्माण कर उन्हें किराए पर दिया गया, जिससे पंचायत की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके अलावा विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस, स्मार्ट किचन सेट, स्कूलों का कायाकल्प, ओपन जिम और अमृत सरोवर जैसे कार्य कराए गए, जो ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं।
रतीपाल रावत का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल योजनाओं को पूरा करना नहीं, बल्कि रायपुर नेरुवा ग्राम पंचायत को एक आदर्श पंचायत के रूप में स्थापित करना है। वे चाहते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और रोजगार के क्षेत्र में गांव आत्मनिर्भर बने और युवाओं को बेहतर अवसर अपने ही गांव में मिल सकें। एक्सपोजर विजिट से लौटने के बाद वे नई सीख को पंचायत स्तर पर लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।





