उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने फीता काटकर किया उद्घाटन, शिल्प बाजार और सांस्कृतिक आयोजनों से गुलजार हुआ जीआईसी मैदान

Share this news

रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में शुरू हुए बहुप्रतीक्षित रायबरेली महोत्सव का विधिवत उद्घाटन मा० राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर महोत्सव आयोजक राकेश गुप्ता और प्रभारी आशीष पाठक ने अपने सहयोगियों के साथ मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हजारों लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया, वहीं पूरा परिसर उत्साह और उल्लास से सराबोर नजर आया।

उद्घाटन के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि रायबरेली महोत्सव आज केवल एक मेला नहीं, बल्कि जनपद की पहचान बन चुका है। यह आयोजन मनोरंजन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, कारीगरों और पारंपरिक संस्कृति को मजबूती देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छोटे व्यापारियों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलता है, जिससे local economy को भी boost मिलता है। मंत्री ने आयोजक राकेश गुप्ता के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने पिता, वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय जमुना प्रसाद गुप्ता की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रायबरेली के लिए रोजगार और अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं।

रायबरेली महोत्सव का इतिहास भी उतना ही समृद्ध है। करीब 55 वर्ष पहले जीआईसी मैदान में हैंडलूम प्रदर्शनी की शुरुआत स्वर्गीय जमुना प्रसाद गुप्ता ने की थी, जो आज भी निरंतर जारी है। बीते 14 वर्षों से राकेश गुप्ता द्वारा ठंड के मौसम में महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शहरवासियों को साल भर इंतजार रहता है। हर बार यहां कुछ नया देखने को मिलता है, जिससे यह महोत्सव समय के साथ और अधिक लोकप्रिय होता चला गया है।

आयोजक राकेश गुप्ता ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य लोगों को उनके ही शहर में महानगरों जैसा अनुभव देना है। बच्चों के लिए आकर्षक झूले, खेल और मनोरंजन की modern सुविधाएं मौजूद हैं। वहीं सहारनपुर का फर्नीचर, कश्मीर की शॉल व सूट, जयपुर की रजाइयां, राजस्थान के अचार और पारंपरिक व्यंजन लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। ठंड के मौसम में उपयोग आने वाली लगभग हर जरूरी वस्तु यहां उपलब्ध होने से लोगों को लखनऊ या कानपुर जैसे बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ता और वे रायबरेली में ही किफायती दरों पर खरीदारी कर पा रहे हैं।

महोत्सव की एक खास पहल आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के लिए की गई व्यवस्था है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने घरेलू उत्पाद बेचने के लिए निशुल्क स्टॉल, बिजली और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उनका छोटा व्यवसाय आगे बढ़ सके। कुल मिलाकर रायबरेली महोत्सव मनोरंजन, संस्कृति और व्यापार का ऐसा संगम बनकर उभरा है, जिसने पूरे शहर में खुशियों और उत्सव का माहौल बना दिया है।


Share this news
  • Related Posts

    क्या आपने देखा है बदलता हुआ डाकघर? सूरत में पोस्टमास्टर जनरल का दौरा बना चर्चा का विषय?

    Share this news

    Share this newsरिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स डाकघर—जिसे कभी केवल चिट्ठियों और मनीऑर्डर तक सीमित माना जाता था—आज तेजी से modern service system में बदल रहा…


    Share this news

    दिनदहाड़े मिट्टी खोद रहे थे ट्रैक्टर, अचानक पहुंचे अफसर और मच गया हड़कंप—आखिर कब तक चलता रहता ये खेल?

    Share this news

    Share this newsरिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स महराजगंज, रायबरेली। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन को लेकर आखिरकार तहसील प्रशासन हरकत में नजर…


    Share this news

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *