बेटी के जन्मदिन की खुशी लेने निकले थे, रास्ते में क्या हो गया कि सड़क बन गई हादसे की वजह?

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली। कभी-कभी जिंदगी एक पल में ऐसा मोड़ ले लेती है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। रायबरेली जिले के खीरों थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने खुशी के सफर को अचानक अस्पताल के बेड तक पहुंचा दिया। बाइक सवार दो लोग उस वक्त गंभीर रूप से घायल हो गए, जब उनकी बाइक अचानक सड़क पर आए एक मवेशी से टकरा गई। यह हादसा दुबेनखेड़ा के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार और अचानक सामने आए जानवर ने सब कुछ बदल दिया।

घायलों की पहचान उन्नाव जिले के कुतुबपुर बाबू खेड़ा गांव निवासी कुलदीप यादव (32) और उनके साथ मौजूद किशोर अभिषेक (14) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुलदीप अपनी चार वर्षीय बेटी इशू के birthday के लिए सामान खरीदने खीरों आ रहे थे। परिवार में जश्न की तैयारी थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर एक serious accident में बदल जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक जैसे ही दुबेनखेड़ा के पास पहुंची, अचानक एक मवेशी सड़क पर आ गया। कुलदीप को संभलने का मौका तक नहीं मिला और बाइक सीधे जानवर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। किसी ने पानी दिया तो किसी ने emergency service 108 को फोन किया।

कुछ ही देर में मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खीरों पहुंचाया। वहां मौजूद medical staff ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। सीएचसी में तैनात डॉक्टर राहुल घोष ने बताया कि दोनों घायलों की हालत गंभीर तो है, लेकिन फिलहाल stable बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी condition पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उन्हें higher center रेफर किया जा सकता है।

इस हादसे के बाद इलाके में एक बार फिर आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण सड़कों पर खुलेआम घूमते मवेशी आए दिन हादसों की वजह बन रहे हैं। खासकर रात और सुबह के समय visibility कम होने के कारण ऐसे accidents का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर जल्द action लिया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार की खुशी इस तरह मातम में न बदले।

उधर, कुलदीप के परिवार में घटना की खबर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। बेटी इशू के जन्मदिन की तैयारियां एक पल में रुक गईं। परिजन अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से लगातार अपडेट ले रहे हैं और ईश्वर से दोनों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सड़क सुरक्षा, आवारा मवेशी और ग्रामीण इलाकों में traffic management को लेकर जिम्मेदार कब जागेंगे। जब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसे यूं ही खुशियों को निगलते रहेंगे।


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