रिपोर्ट: संदीप मिश्रा रायबरेली उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स
रायबरेली | 23 अगस्त 2025
रायबरेली में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित संस्कृति सप्ताह के पांचवें दिन बच्चों की कला और उनकी सोच को मंच मिला। इस अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता ने न केवल उनकी प्रतिभा को सामने लाया बल्कि भारतीय परंपरा और संस्कारों का भी सुंदर चित्रण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज देवानंदपुर की प्रधानाचार्या डॉ. बरखा भारती ने भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। परिषद के अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में परिषद द्वारा चलाए जा रहे संस्कार और सेवा कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज में संस्कृति और मूल्यों को मजबूती देना है।
विजेताओं की सूची
प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई।
वरिष्ठ वर्ग
- प्रथम स्थान: अक्षिता (दयावती मोदी पब्लिक स्कूल)
- द्वितीय स्थान: अविका (गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर)
- तृतीय स्थान: गरिमा (वी.ए.एस.एन. स्कूल) और शेफाली (दयावती मोदी पब्लिक स्कूल)
कनिष्ठ वर्ग
- प्रथम स्थान: रितिका (बी.एस.एस. पब्लिक स्कूल)
- द्वितीय स्थान: स्मृति (केन्द्रीय विद्यालय)
- तृतीय स्थान: रिया (रायबरेली पब्लिक स्कूल)
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अभिषेक वर्मा, देवीदास और विभा पाठक शामिल रहे।
अतिथि और संयोजकों की भूमिका
मुख्य अतिथि डॉ. बरखा भारती ने पुरस्कार वितरित करते हुए कहा कि बच्चों की चित्रकला में केवल रंग ही नहीं, बल्कि संस्कृति और जीवन मूल्यों की झलक देखने को मिली। उन्होंने परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में इसकी भूमिका सराहनीय है।
कार्यक्रम का संचालन राजा राम मौर्य और ऊषा त्रिवेदी ने संयुक्त रूप से किया। सप्ताह संयोजिका विभा श्रीवास्तव ने सप्ताह भर चलने वाले अन्य कार्यक्रमों की जानकारी दी जबकि सह-संयोजक उमेश अग्रवाल ने कहा कि परिषद सेवा और संस्कार के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सक्रिय है।
महिला संयोजक वाणी पांडेय ने आगंतुकों का स्वागत किया और परिषद की प्रथम महिला सीमा श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
विशिष्ट अतिथि
इस अवसर पर परिषद के पूर्व क्षेत्रीय संरक्षक डॉ. आर. बी. श्रीवास्तव, क्षेत्रीय सेवा संयोजक अंब्रीश अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष नवल किशोर बाजपेयी, पूर्व अध्यक्ष राकेश कक्कड़, राकेश मिश्रा, डॉ. अमिता खुबेले, नीलिमा श्रीवास्तव, देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, सुरेश चंद्र शुक्ला, पवन श्रीवास्तव, निशा सिंह, डॉ. चम्पा श्रीवास्तव, विजय सिंह, प्रभात श्रीवास्तव, विनोद दुबे, शशिकांत राय, रंजना दुबे, मनोज माहेश्वरी, अर्चना माहेश्वरी, शिव कुमार गुप्ता, अंजू बाला मौर्य, संध्या रॉय और दिवाकर द्विवेदी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और परिषद के इस सांस्कृतिक अभियान को समाज के लिए उपयोगी बताया।
बच्चों की कला में समाज का संदेश
प्रतियोगिता में प्रस्तुत चित्रों में प्रकृति संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता संग्राम, स्वच्छ भारत अभियान और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों को उकेरा गया। यह साफ दिखाई दिया कि बच्चों की सोच केवल कला तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज को संदेश देने की दिशा में भी गंभीर हैं।
आयोजन का महत्व
संस्कृति सप्ताह के तहत होने वाले कार्यक्रम केवल मनोरंजन के लिए नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में संस्कृति, परंपरा और संस्कारों के प्रति गर्व की भावना जगाना है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें समाज से जोड़ती हैं।
सप्ताह संयोजिका नीलम शर्मा ने प्रतियोगिता के नियम बताए और सचिव अजय त्रिवेदी ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
रायबरेली में आयोजित भारत विकास परिषद की चित्रकला प्रतियोगिता ने यह सिद्ध किया कि नई पीढ़ी केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संस्कृति और समाज के प्रति भी जागरूक है। बच्चों की पेंटिंग्स में झलकती भारतीयता ने न केवल दर्शकों को प्रभावित किया बल्कि यह संदेश भी दिया कि संस्कार और संस्कृति आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।





