रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
धार्मिक आस्था से जुड़े अपराधों पर सख्त रुख और तेज़ कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जनपद पुलिस कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह serious और proactive है। मां दुर्गा के ऐतिहासिक मंदिर से चोरी हुए पीतल के घंटों की बड़ी बरामदगी और अंतरराज्यीय गिरोह के खुलासे से प्रभावित होकर राणा बेनी माधव सिंह स्मारक समिति, शंकरपुर के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। समिति ने उन्हें बुके भेंट कर सम्मानित किया और इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए आभार व्यक्त करते हुए पुलिस के decisive action, strong leadership और professional policing की जमकर प्रशंसा की।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर से घंटा चोरी जैसी घटनाएं केवल संपत्ति की हानि नहीं होतीं, बल्कि समाज की धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात करती हैं। ऐसे मामलों में यदि पुलिस की प्रतिक्रिया कमजोर हो तो असंतोष और अविश्वास का माहौल बनता है, लेकिन इस केस में पुलिस अधीक्षक के clear निर्देश और ground level पर की गई लगातार monitoring के चलते अपराधियों को बहुत जल्दी बेनकाब कर दिया गया। महज एक सप्ताह के भीतर पूरे नेटवर्क का खुलासा होना इस बात का प्रमाण है कि जनपद पुलिस पूरी तरह alert, capable और committed है।
पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि उनकी कुलदेवी मां दुर्गा का यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का केंद्र है और इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। 6/7 जनवरी की रात मंदिर से भारी मात्रा में पीतल के घंटे चोरी हो जाने से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश था। लोगों को आशंका थी कि इतने बड़े पैमाने पर हुई चोरी का खुलासा शायद समय ले, लेकिन पुलिस की तेज़ और coordinated कार्रवाई ने जनता के भरोसे को मजबूत किया। समिति के अनुसार, घंटों की सकुशल बरामदगी केवल एक केस का समाधान नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि कानून के हाथ लंबे हैं और आस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, थाना जगतपुर क्षेत्र स्थित राणा बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज परिसर में बने मां दुर्गा मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत special teams का गठन किया। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के supervision में और क्षेत्राधिकारी डलमऊ गिरजा शंकर त्रिपाठी के नेतृत्व में लगातार दबिश, intelligence gathering और technical analysis किया गया। इसी रणनीतिक कार्यप्रणाली का नतीजा रहा कि 11/12 जनवरी की रात मुठभेड़ के बाद महिला सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके कब्जे से 3 क्विंटल 13 किलोग्राम पीतल के घंटे बरामद किए गए।
इस सफल ऑपरेशन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जनपद पुलिस केवल reactive नहीं, बल्कि preventive policing पर भी बराबर ध्यान दे रही है। 12 जनवरी को आयोजित press conference में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने साफ शब्दों में कहा था कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधों में zero tolerance की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि भविष्य में किसी भी धर्मस्थल के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
सम्मान समारोह के दौरान समिति के संस्थापक हरिचंद्र बहादुर सिंह, संयोजक अरुणेंद्र सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अकबाल बहादुर सिंह, मीडिया प्रभारी भगवत प्रताप सिंह, सह मीडिया प्रभारी मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस कार्रवाई से पुलिस और आम जनता के बीच trust और confidence बढ़ा है। उनका मानना है कि जब पुलिस इस तरह संवेदनशील मामलों में तेज़ी और पारदर्शिता से काम करती है, तो समाज में कानून के प्रति सम्मान स्वतः मजबूत होता है।





