रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। जिले के जगतपुर थाना परिसर में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। यह कार्यक्रम नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान कुल 5 राजस्व से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गईं।
इनमें से 2 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 3 शिकायतों के लिए विशेष टीम गठित कर उन्हें मौके पर भेजा गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बाकी मामलों का भी जल्द निस्तारण कर दिया जाएगा।
मौके पर निस्तारित शिकायतें
कार्यक्रम में प्राप्त 5 शिकायतों में से 2 मामलें ऐसे थे जिनका समाधान तत्काल कर दिया गया। अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष को राहत पहुंचाते हुए तुरंत कार्रवाई की।
इससे जनता के बीच प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर विश्वास मजबूत हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि अगर इसी तरह शिकायतों का समय पर समाधान होता रहे तो लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
तीन मामलों पर बनी जांच टीम
बाकी 3 शिकायतों को गंभीर मानते हुए टीम गठित की गई। इन टीमों को मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी ने कहा कि –
“हम जनता की हर समस्या का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मौके पर निपटारे योग्य न होने वाले मामलों में टीम बनाई गई है और जल्द ही लोगों को न्याय मिलेगा।”
पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी
थाना परिसर में समाधान दिवस के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- राजस्व विभाग से: कानूनगो सत भवन शुक्ला, लेखपाल पुष्पेंद्र सोनकर, आलोक अवस्थी, आदित्य सिंह और उदित जायसवाल मौजूद रहे।
- पुलिस विभाग से: उप निरीक्षक जीशान, सुरेंद्र प्रताप सिंह, ऋषिकेश अजीत सिंह, हेमंत कुमार, कांस्टेबल पवन यादव, रवि, सोनू यादव, लव कुश, नरेश पाल, शिव शंकर यादव, विपिन मिश्रा, हरेंद्र, दीपक यादव, अर्चना यादव, मदन सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
इस संयुक्त मौजूदगी ने जनता के बीच यह संदेश दिया कि प्रशासन और पुलिस दोनों मिलकर समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
समाधान दिवस का महत्व
समाधान दिवस उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
- यह कार्यक्रम हर शनिवार को आयोजित होता है।
- इसका उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करना और अनावश्यक देरी या भ्रष्टाचार को रोकना है।
लोगों का मानना है कि यदि इस पहल को और पारदर्शिता से लागू किया जाए तो गांव-गांव तक न्याय पहुंच सकता है।
जनता की उम्मीदें
जगतपुर समाधान दिवस में पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि अधिकारी शिकायतों पर केवल औपचारिकता न करें, बल्कि पूरी गंभीरता से उनका निपटारा करें।
एक किसान ने कहा –
“हम लोग महीनों से सीमांकन जैसी दिक्कत झेल रहे थे। आज अधिकारियों ने मौके पर ही आदेश देकर राहत दी है। अगर हर बार ऐसा हो तो जनता का भरोसा और बढ़ेगा।”
वहीं, एक महिला ने कहा कि वह कई बार अपनी समस्या लेकर अधिकारियों के पास गईं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इस बार उनकी बात ध्यान से सुनी गई और टीम मौके पर भेजी गई, जिससे उम्मीद जगी है।
प्रशासन की सख्ती
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का समाधान मौके पर नहीं हो सका, उनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि –
- शिकायत की जांच निष्पक्ष हो।
- पीड़ित पक्ष को जल्द न्याय मिले।
- लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
जगतपुर थाना समाधान दिवस में दर्ज 5 शिकायतों में से 2 का तत्काल निस्तारण किया गया और 3 के लिए जांच टीम गठित की गई।
इससे जनता के सामने यह संदेश गया कि प्रशासन और पुलिस उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर हैं। अब सभी की नजर उन 3 मामलों पर है जिनका निपटारा जांच रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
यदि प्रशासन वादा निभाता है तो जगतपुर का यह समाधान दिवस पूरे जिले के लिए एक उदाहरण बन सकता है।





