ब्याज के जाल में फंसा कर जमीन हड़पने का खेल: रायबरेली के बैंती गांव में सूदखोरी

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

महराजगंज/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के बैंती गांव से एक ऐसा shocking मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां सूदखोरी के जाल में फंसा कर एक गरीब परिवार की जमीन हड़पने, जान से मारने की धमकी देने और जबरन बैनामा कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। गांव निवासी राजकुमार सैनी ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक रायबरेली से की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके भाई अरविंद कुमार सैनी को गांव के ही एक सूदखोर ने इस तरह फंसाया कि आखिरकार उनकी पुश्तैनी जमीन तक छिन गई। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसे Land Grabbing और Illegal Money Lending का खुला उदाहरण बता रहे हैं।

पीड़ित परिवार के अनुसार, गांव के ही उमाशंकर मिश्रा उर्फ मुटुरू ने करीब दो साल पहले अरविंद कुमार सैनी को 20 हजार रुपये उधार दिए थे। यह रकम 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर दी गई थी, जो खुद में ही अवैध और शोषणकारी बताया जा रहा है। कुछ समय बाद ब्याज बढ़ता गया और परिवार पर मानसिक दबाव बनने लगा। हालात इतने बिगड़ गए कि 6 मार्च 2023 को अरविंद के भाई गणेश ने किसी तरह से पैसों का इंतजाम कर मूलधन और ब्याज मिलाकर 40 हजार रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा कर दिए। परिवार को लगा कि अब यह मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन असल खेल इसके बाद शुरू हुआ।

राजकुमार सैनी का आरोप है कि पैसा मिलने के बावजूद उमाशंकर मिश्रा ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उल्टा अरविंद पर ज्यादा रकम बकाया होने का दबाव बनाने लगा। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी, परिवार को डराया और इसी दबाव में 29 जनवरी 2024 को अरविंद से उसकी जमीन गाटा संख्या 1809 समेत अन्य भूमि का जबरन बैनामा करवा लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस जमीन का बैनामा कराया गया, उसकी बाजार कीमत लाखों रुपये में है, जो 20 हजार की कथित देनदारी से कई गुना अधिक है। यह पूरा मामला Financial Fraud और Criminal Intimidation की तरफ इशारा करता है।

इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उन्हें डराने के लिए 2.50 लाख रुपये का एक फर्जी चेक दिखाया था, जिसका नंबर 000105 है और वह बैंक ऑफ बड़ौदा की बैंती शाखा का बताया जा रहा है। बाद में यह चेक वापस छीन लिया गया और उसका कहीं कोई भुगतान नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ एक Psychological Pressure बनाने का तरीका था, ताकि वे डरकर जमीन छोड़ दें। इस तरह के हथकंडों को लोग खुलेआम White Collar Crime बता रहे हैं।

जब परिवार ने इस अन्याय का विरोध किया तो आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। राजकुमार सैनी का कहना है कि शिवगढ़ थाने में शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बनाया गया। इससे परिवार का भरोसा कानून व्यवस्था पर डगमगा गया है। पीड़ित का यह भी दावा है कि उनके पास आरोपी की धमकियों से जुड़े ऑडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारियों के सामने पेश किया जा सकता है।


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