रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
गोण्डा। जनपद में बच्चों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और उन्हें कुपोषण व गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सोमवार को जिला महिला चिकित्सालय में विटामिन ए संपूर्ण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी गोण्डा श्रीमती अंकिता जैन द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर चिकित्सालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विटामिन ए बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी से बच्चों में आंखों से संबंधित रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी तथा बार-बार बीमार पड़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि विटामिन ए संपूर्ण अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पात्र बच्चे तक समय पर विटामिन ए की खुराक पहुंचाना है, ताकि उन्हें स्वस्थ और मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम को पूरी निष्ठा, गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से वंचित न रह जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ रहना समाज और जिले के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, इसलिए इस अभियान को मिशन भावना के साथ आगे बढ़ाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जनपद गोण्डा की कुल लक्षित जनसंख्या चालीस लाख से अधिक है, जबकि नौ माह से पांच वर्ष तक की आयु के लगभग साढ़े चार लाख से अधिक बच्चों को इस अभियान के अंतर्गत लाभान्वित किया जाना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों टीमें कार्य करेंगी तथा उनके कार्य की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। कार्यक्रम की अवधि नौ दिनों की निर्धारित की गई है, जिसमें प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण दिवस के साथ विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संत लाल पटेल ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिला अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा चयनित स्थलों पर बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि दवा सुरक्षित और सही विधि से दी जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग का समन्वय इस अभियान को और प्रभावी बनाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि विटामिन ए की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और यह वर्षों से बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रमों का अहम हिस्सा रही है। स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को केंद्रों पर अवश्य लाएं।
जिला महिला चिकित्सालय में कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं। बच्चों और अभिभावकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी तथा दवा वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। 
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर यह संकल्प लिया कि जनपद गोण्डा का कोई भी पात्र बच्चा विटामिन ए की खुराक से वंचित न रहे।





