Kadak Times

वरिष्ठ लैब टेक्नोलॉजिस्ट डॉ. आर.बी. यादव के बड़े पिताजी का प्रथम वार्षिक श्राद्ध, मीठूपुर में सम्पन्न – सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

Share this news

रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स
03 सितम्बर 2025

रायबरेली। जिला चिकित्सालय रायबरेली के पैथोलॉजी विभाग के वरिष्ठ लैब टेक्नोलॉजिस्ट डॉ. आर.बी. यादव के बड़े पिताजी का प्रथम वार्षिक श्राद्ध (वर्षी) कार्यक्रम उनके पैतृक निवास ग्राम सभा मीठूपुर, तहसील हंडिया, जनपद प्रयागराज में बड़े ही श्रद्धापूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर परिवारजनों, रिश्तेदारों, मित्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हस्तियों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।


धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न हुआ कार्यक्रम

श्राद्ध कार्यक्रम की शुरुआत हिंदू परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना और हवन से हुई। मंत्रोच्चारण के बीच परिवारजनों द्वारा तर्पण किया गया। ब्राह्मण भोजन और प्रसाद वितरण के बाद सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
डॉ. आर.बी. यादव के बड़े भाई श्री फतेह बहादुर यादव और श्री जे.बी. यादव ने परिवार की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए।


समाज के प्रतिष्ठित लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं।


ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी

इस मौके पर केवल रिश्तेदार ही नहीं, बल्कि पूरा गाँव भी श्रद्धांजलि देने पहुँचा। मीठूपुर गाँव के भोला यादव, दशरथ यादव, अमृतलाल, पंकज, रामदेव, रवि, बुद्धिराम, राहुल, वीरेंद्र, शिवकुमार सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि दिवंगत व्यक्ति समाज के हर वर्ग से जुड़े थे और हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते थे।


भावुक हुए डॉ. आर.बी. यादव

श्राद्ध के दौरान डॉ. आर.बी. यादव ने भावुक होकर कहा,
“हमारे बड़े पिताजी के आशीर्वाद और संस्कार ही हमें समाज में सेवा करने की प्रेरणा देते हैं। उनकी स्मृति हमें हमेशा मार्गदर्शन करती रहेगी। आज इतनी बड़ी संख्या में लोगों का यहाँ आना हमारे परिवार के लिए सम्मान की बात है।”


सामाजिक समरसता का संदेश

यह वार्षिक श्राद्ध केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। इसमें सामाजिक एकता और पारिवारिक बंधन का भी अद्भुत दृश्य देखने को मिला। विभिन्न वर्गों और तबकों से आए लोगों ने परिवार के साथ खड़े होकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया।


श्रद्धा और अपनत्व से भरा माहौल

पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, भावुकता और अपनत्व से परिपूर्ण रहा। ग्रामीणों और मेहमानों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और सामूहिक भोज में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के अंत में परिवार ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि समाज और परिवार का साथ ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है।


निष्कर्ष

मीठूपुर में सम्पन्न हुआ यह वार्षिक श्राद्ध केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक बन गया। रायबरेली और प्रयागराज के लोगों ने इस आयोजन को श्रद्धा और सामूहिक सहयोग का अद्वितीय उदाहरण बना दिया।


Share this news
Exit mobile version