Kadak Times

शिक्षक दिवस पर रायबरेली में भव्य आयोजन: भारत विकास परिषद ने 36 शिक्षकों को किया सम्मानित

Share this news

रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स


रायबरेली में शिक्षक दिवस का विशेष समारोह

शिक्षक दिवस पर हर साल देशभर में शिक्षकों के योगदान को याद किया जाता है। इस वर्ष रायबरेली में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिले के 36 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन रायबरेली शहर के मलिकमऊ कॉलोनी स्थित एक बैंक्वेट हाल में हुआ, जिसमें जिले भर से आए गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।


सम्मान समारोह की झलक

कार्यक्रम में उन शिक्षकों का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया जिन्हें पहले महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। परिषद के अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण की नींव होते हैं। उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मान सिर्फ व्यक्तियों के लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।


मुख्य अतिथि का संबोधन

समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रांत के सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय में शिक्षा को बच्चों के लिए रोचक और सरल बनाना आवश्यक है। उनका मानना था कि यदि शिक्षक पढ़ाई को मनोरंजक और उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करें तो बच्चे उसे बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।


सम्मानित हुए 36 शिक्षक

इस अवसर पर 36 शिक्षकों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में प्रमुख नाम रहे –

सभी सम्मानित शिक्षकों ने कहा कि यह सम्मान उन्हें अपने कार्य को और बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करेगा।


आयोजन का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का संचालन विवेक सिंह ने किया। संयोजक रवींद्रनाथ हरी और सचिव अजय त्रिवेदी ने सभी उपस्थित लोगों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय सेवा संयोजक अम्बरीश अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष नवल किशोर वाजपेयी, पूर्व अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, राकेश कक्कड़, विनोद अग्निहोत्री, राकेश मिश्रा, देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजा राम मौर्य सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


शिक्षक दिवस का महत्व

हर साल 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है, जो भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे। उन्होंने शिक्षा को समाज और राष्ट्र के लिए आधार बताया था।

आज के दौर में जब शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। ऑनलाइन लर्निंग, डिजिटल क्लास और नई शिक्षा नीति के चलते उनकी भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।


रायबरेली के लिए गर्व का अवसर

रायबरेली में आयोजित इस सम्मान समारोह ने जिले का गौरव बढ़ाया। यहां सम्मानित हुए शिक्षकों ने न केवल अपने विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है बल्कि जिले का नाम भी रोशन किया है।


सोशल मीडिया पर चर्चा

कार्यक्रम की तस्वीरें और खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलीं। फेसबुक और ट्विटर पर #TeachersDayRaeBareli और #BharatVikasParishad जैसे हैशटैग चर्चा में रहे। लोगों ने लिखा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को यह याद दिलाते हैं कि शिक्षक का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।


निष्कर्ष

भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह न केवल शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि शिक्षा ही वास्तविक शक्ति है। 36 शिक्षकों का यह सम्मान उन सभी शिक्षकों के प्रयासों को सलाम है जो बच्चों को न केवल पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं।


Share this news
Exit mobile version