रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
महराजगंज/रायबरेली: कस्बा स्थित स्वदेश सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी के जन्मोत्सव को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में बड़े ही उत्साह, अनुशासन और संस्कारों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित सूर्य नमस्कार उत्सव ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति की भावना से भर दिया। सुबह से ही विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अतिथियों की मौजूदगी से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला, जिसमें युवाओं के आत्मबल और भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे रही थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार मिश्रा, प्रबंधक समर बहादुर सिंह तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रभात साहू द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन कर किया गया। दीप की लौ के साथ ही मानो विवेकानंद जी के विचारों की ज्योति भी छात्रों के हृदय में प्रज्वलित हो गई। मंच से दिए गए उद्घाटन संदेशों में युवाओं को आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने का आह्वान किया गया, जो आज के समय में बेहद relevant और meaningful माना जा रहा है।
कार्यक्रम में पुरातन छात्र परिषद से जुड़े आशीष सिंह, अभिषेक मौर्य, अभिनव शुक्ला, सत्यम साहू तथा भारतीय सेवा में सेवारत अंकित सिंह चौहान ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, युवाओं की भूमिका और भारत के future vision पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने भीतर आत्मविश्वास और चरित्र निर्माण पर ध्यान दें, तो देश को दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने छात्रों को भीतर तक झकझोर दिया।
सूर्य नमस्कार उत्सव कार्यक्रम में द्वादश कक्षा की बहन गुड़िया ने अग्रेसर सक्षम वैश्य के साथ मिलकर सूर्य नमस्कार का सुंदर और अनुशासित प्रदर्शन कराया। उनके संतुलित आसनों और समर्पण भाव ने दर्शकों को योग और स्वास्थ्य के महत्व की याद दिलाई। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि योग सिर्फ exercise नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाता है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी भरपूर देखने को मिला, जब बहन नैंसी मौर्य ने एकल गीत के रूप में “भारत हमारी माता” प्रस्तुत किया। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायन ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया और श्रोताओं की आंखों में देशभक्ति की चमक साफ नजर आई। यह प्रस्तुति कार्यक्रम का emotional high point बन गई।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रभात साहू ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से अपील की कि वे संस्कार और गुणवत्ता-परक शिक्षा को अपने जीवन में उतारें और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल का भारत है, और यदि आज सही दिशा मिल जाए तो आने वाला कल अपने आप बेहतर बन जाएगा। प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार मिश्रा ने भी सभी अतिथियों, वक्ताओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के personality development और character building में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।





