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रायबरेली थप्पड़ मामला: स्वामी प्रसाद मौर्य को थप्पड़ मारने वाले रोहित को मिला 11 लाख का चेक, बताया सनातन धर्म की रक्षा कारण

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Report – मायालक्ष्मी मिश्रा, Raebareli, Uttar Pradesh, Kadak Times

रायबरेली में हाल ही में एक ऐसी घटना हुई जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में जोरदार चर्चा छेड़ दी। पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को एक युवक द्वारा सार्वजनिक मंच पर थप्पड़ मारे जाने की घटना अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। घटना के आरोपी रोहित द्विवेदी को रविवार को 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया गया, जिससे मामला और सुर्खियों में आ गया।

घटना का पूरा विवरण

घटना रायबरेली के सारस तिराहे की है। बीते बुधवार को यहां स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत कार्यक्रम चल रहा था। तभी भीड़ में मौजूद रोहित द्विवेदी अचानक मंच की ओर बढ़ा और मौर्य को थप्पड़ मार दिया।

मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मौर्य समर्थकों ने रोहित तथा उसके साथी शिवम यादव को पकड़कर पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस की कार्रवाई

मिल एरिया थाना पुलिस ने कौरापुर गौरा निवासी रोहित द्विवेदी और ऑटी नौगवां निवासी शिवम यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेजा।
तीन दिन जेल में रहने के बाद शनिवार को दोनों को जमानत मिल गई और वे रिहा हो गए।

रोहित का बयान

जेल से बाहर आने के बाद रोहित ने कहा –

“स्वामी प्रसाद मौर्य व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने रामचरित मानस का भी अपमान किया। यह मेरी आस्था के खिलाफ था, इसलिए मैंने यह कदम उठाया।”

रोहित का कहना है कि उसका यह कदम किसी व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण नहीं, बल्कि धार्मिक सम्मान की रक्षा के लिए था।

11 लाख रुपये का चेक

रविवार को समाजसेवी आशीष तिवारी समर्थकों के साथ रोहित के गांव पहुंचे और उसे 11 लाख रुपये का चेक सौंपा। गांव में इस दौरान लोगों की भीड़ जुटी और रोहित का स्वागत किया गया।

आशीष तिवारी ने कहा –

“रोहित ने धर्म और आस्था की रक्षा के लिए साहस दिखाया है। उसका हौसला बढ़ाना जरूरी है।”

सोशल मीडिया पर चर्चा

घटना के बाद सोशल मीडिया पर #RaebareliSlapCase, #RohitDwivedi, और #SanatanKiRakhsha जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
कुछ लोग रोहित को सनातन का रक्षक बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग हिंसा को गलत ठहराते हुए कानून का पालन करने की बात कर रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

राजनीतिक दलों में इस घटना को लेकर मतभेद हैं। मौर्य के समर्थक इसे कानून व्यवस्था के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कई अन्य इसे जनता की नाराजगी का परिणाम कह रहे हैं।

स्थानीय लोगों की राय

आगे की स्थिति

रोहित और शिवम पर दर्ज मुकदमे की सुनवाई आगे जारी रहेगी। लेकिन 11 लाख रुपये का चेक मिलने के बाद रोहित का नाम प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है।

यह घटना सिर्फ एक थप्पड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह धर्म, राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच के टकराव का उदाहरण बन गई है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक और कानूनी असर क्या होगा।


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