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जब बेटियों की आवाज़ में गूंजा संविधान और तिरंगे के रंग में रंगा पूरा कॉलेज, क्या यही है नए भारत की असली तस्वीर?

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रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रायबरेली का परिसर देशभक्ति, अनुशासन और उत्साह से सराबोर नजर आया। सुबह से ही विद्यालय में अलग ही ऊर्जा महसूस की जा रही थी। जैसे ही प्रधानाचार्य डॉ. स्मिता मिश्रा ने ध्वजारोहण किया, तिरंगे के साथ छात्राओं की उम्मीदें और सपने भी आसमान की ओर उठते दिखाई दिए। ध्वज को सलामी और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को गर्व और सम्मान से भर दिया, जहां हर चेहरा राष्ट्रप्रेम की भावना से चमक रहा था।

इसके बाद विद्यालय की एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए शानदार मार्च पास्ट किया। कदमताल की एक-एक थाप के साथ जब कैडेट्स ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी, तो कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई। यह दृश्य यह बताने के लिए काफी था कि देश की बेटियां न केवल संस्कृति की संवाहक हैं, बल्कि अनुशासन और नेतृत्व में भी किसी से कम नहीं हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हिमांशी और साक्षी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिसने पूरे कार्यक्रम को एक पवित्र और सकारात्मक दिशा दी। इसके बाद अतिथियों के स्वागत में ज़िकरा फ़ातिमा, बुशरा, दीपांशी, दिव्या और आफ़िया द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने सबका मन मोह लिया। मंच पर छात्राओं का आत्मविश्वास और तालमेल यह दर्शा रहा था कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से क्या कुछ संभव हो सकता है।

देशभक्ति की भावना उस समय और गहरी हो गई, जब बुशरा, निशी और रश्मि ने “भारत प्यारा देश हमारा” देशगान प्रस्तुत किया। गीत के बोलों के साथ छात्राओं की भाव-भंगिमा सीधे दिल को छू रही थी। इसके बाद पलक सोनकर ने “जहाँ पाँव में पायल” गीत पर एकल नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके नृत्य में भारतीय संस्कृति की कोमलता और आत्मविश्वास का सुंदर मेल देखने को मिला।

कार्यक्रम की कड़ी आगे बढ़ाते हुए “वतन से हमारा है प्यारा हिंदुस्तान” पर पायल, काजल, प्रीति, लक्ष्मी, आराध्या और पूजा द्वारा समूह गायन प्रस्तुत किया गया, जिसने माहौल को पूरी तरह patriotic बना दिया। “चल दे इंडिया” गीत पर अंजलि, रितिका, रिंकी, शिवांशी और आरुषिका का ऊर्जावान समूह नृत्य युवाओं के जोश और नए भारत की सोच को दर्शाता नजर आया। दर्शकों की तालियों ने साफ कर दिया कि यह प्रस्तुति दिलों तक पहुंच चुकी है।

पर्यावरण और मातृभूमि के प्रति संवेदनशीलता “हरी भरी धरती माँ” गीत पर सबा, रिधिमा, अलवीरा बानो, खुशबू, निधि और इकरा के सामूहिक नृत्य में देखने को मिली। वहीं “मेरे देश की धरती” गीत पर निशी, आराधना, रश्मि, रिधिमा, इकरा, आस्था और निधि की भावपूर्ण प्रस्तुति ने कई लोगों की आंखें नम कर दीं। कार्यक्रम का समापन “रंगीलो मारो ढोलना” पर सबा, खुशबू और अलवीरा बानो की शानदार प्रस्तुति से हुआ, जिसने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया और दर्शकों को तालियां बजाने पर विवश कर दिया।

छात्राओं की इन प्रस्तुतियों के माध्यम से संविधान का महत्व, स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान और देश की एकता-अखंडता का सशक्त संदेश मंच से जमीन तक उतरता दिखाई दिया। हर प्रस्तुति में यह साफ झलक रहा था कि यह सिर्फ एक cultural program नहीं, बल्कि values और responsibility को समझाने का एक प्रभावी माध्यम है।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. स्मिता मिश्रा ने अपने संबोधन में संविधान की मूल भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया और कहा कि आज की बेटियां ही कल का मजबूत भारत बनाएंगी।

विशेष रूप से संगीत शिक्षिका श्रीमती आकांक्षा सिंह के नेतृत्व में सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अत्यंत सफल रहीं। उनके मार्गदर्शन में छात्राओं ने जिस आत्मविश्वास और समर्पण के साथ मंच संभाला, वह सराहनीय रहा। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती माधवी शुक्ला और श्रीमती आकांक्षा सिंह द्वारा किया गया, जिससे पूरा आयोजन एक smooth flow में आगे बढ़ता रहा।


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