रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली उत्तर प्रदेश, Kadak Times
सलोन, रायबरेली।
सावन का पवित्र महीना, शिवभक्ति का चरम और भक्तों का उत्साह — इन सभी का जीवंत उदाहरण रविवार को सलोन कस्बे में देखने को मिला। जय बोलबम काँवरिया सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा ने पूरे इलाके को शिवमय कर दिया।
इस यात्रा की शुरुआत सलोन के राधा नगर क्षेत्र से हुई, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “बम-बम भोले” के जयकारों के साथ यात्रा आरंभ की। पूरा कस्बा शिवभक्ति के रंग में रंग गया था और भक्तों की टोली ने क्षेत्र की गलियों में एक अलौकिक माहौल बना दिया।
श्रद्धा और सेवा भाव की मिसाल बनी यात्रा
कांवड़ यात्रा जैसे ही कस्बे की सीमा में पहुंची, लोगों ने गुलाल उड़ाकर और फूलों की वर्षा करके श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे – सभी इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए घंटों पहले से सड़कों के किनारे खड़े थे। जगह-जगह सेवाभावी नागरिकों ने भंडारे और शीतल जल की व्यवस्था की, जिससे यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
भव्य झांकियों ने बढ़ाई यात्रा की शोभा
यात्रा का विशेष आकर्षण रहीं विभिन्न धार्मिक झांकियां, जिनमें भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी, शिव तांडव आदि के दर्शन हुए। इन झांकियों की सुंदरता और धार्मिक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। साथ में बजते भक्ति गीतों और डीजे की धुनों पर श्रद्धालु नृत्य करते नजर आए।
कांवड़ियों में दिखा अद्भुत उत्साह
कई कांवड़िए अपने हाथों में तिरंगा झंडा लिए हुए चल रहे थे, जो देशभक्ति और धर्म का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहे थे। “हर हर महादेव”, “बोल बम”, “शिव नाम की गूंज” जैसे नारों से आसमान गूंज उठा। भक्तों की टोली में शामिल युवा वर्ग ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
रमेश पटेल ने दी यात्रा से जुड़ी जानकारी
कांवड़ यात्रा के आयोजनकर्ता और ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश पटेल ने जानकारी दी कि यह यात्रा 27 जुलाई को सलोन से प्रारंभ होकर गोकना घाट पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु गंगाजल भरकर गोपालपुर साहबगंज स्थित शिव शक्ति श्रद्धा मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा में 1500 से अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और ये संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं रहीं मजबूत
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की थी। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि पूरी योजना जिम्मेदारी के साथ तैयार की गई थी।
सोशल मीडिया पर छाया आयोजन
इस भव्य यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। Instagram, Facebook और YouTube पर #SalonKawadYatra, #BolBam, #BamBamBhole जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं ने यात्रा को लाइव प्रसारित कर दूर-दराज के श्रद्धालुओं को भी इससे जोड़ा।
निष्कर्ष
सलोन की यह कांवड़ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समर्पण, एकता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आई है। हर चेहरे पर भक्ति का तेज और हर कदम पर शिव के प्रति अटूट श्रद्धा — यही इस यात्रा की पहचान रही।
इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब मन में भक्ति हो और समाज में सहयोग की भावना, तो कोई भी यात्रा सिर्फ मंज़िल तक नहीं जाती — वह दिलों को भी छू जाती है।