रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों के बीच रायबरेली से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां प्रशासन ने यह साबित किया कि समय पर की गई मानवीय मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है। सड़क सुरक्षा माह के शुभारंभ अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने उन नागरिकों को सम्मानित किया, जिन्होंने दुर्घटनाग्रस्त लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बचत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम ने आमजन को यह भरोसा दिलाया कि दुर्घटना के बाद मदद करने वाला व्यक्ति न तो अपराधी है और न ही किसी कार्रवाई का पात्र, बल्कि समाज का असली नायक है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया। इस दौरान Road Safety Awareness Vehicle को हरी झंडी दिखाकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया, जो लोगों को ट्रैफिक नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और दुर्घटना से बचाव से जुड़े संदेश देगा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें हेलमेट, सीट बेल्ट, सीमित गति और सतर्क वाहन संचालन जैसे बिंदुओं को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा माह 1 जनवरी से 31 जनवरी तक मनाया जाएगा और इस अवधि में जागरूकता से लेकर प्रवर्तन तक हर स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट को अनिवार्य रूप से अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे मजबूत कवच है। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल सकती है, इसलिए Safe Driving को आदत बनाना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान ‘राहवीर’ योजना के अंतर्गत उन नागरिकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया। सलोन क्षेत्र के सलमान खान और डलमऊ के अभिषेक चौधरी को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। दोनों ने बिना किसी भय या संकोच के घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनका इलाज समय पर शुरू हो सका और जान बचाई जा सकी। यह सम्मान केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देने का माध्यम था कि मदद करने वाला हर व्यक्ति सम्मान के योग्य है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि दुर्घटना के बाद सबसे बड़ी समस्या लोगों के मन में कानूनी कार्रवाई का डर होता है, लेकिन अब यह डर पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रशासनिक या पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पुलिस और प्रशासन के सहयोगी हैं और उन्हें हर संभव सुरक्षा दी जाएगी। साथ ही युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि तेज रफ्तार, लापरवाही और नशे में वाहन चलाना सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह है, जिससे बचना ही समझदारी है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि जिले में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं Traffic Rules के उल्लंघन के कारण होती हैं। Wrong Side Driving, मोबाइल फोन का उपयोग, बिना हेलमेट दोपहिया चलाना और सीट बेल्ट की अनदेखी आज भी गंभीर समस्याएं हैं। सड़क सुरक्षा माह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर Awareness Program, चेकिंग अभियान और जनसंवाद को तेज किया जाएगा, ताकि हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि सड़क पर सतर्कता ही सुरक्षा है।





