एम्स रायबरेली में रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण, ऑर्थोपेडिक इलाज में रचा गया नया इतिहास

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। संस्थान में पहली बार Robot Assisted Total Knee Replacement (TKR) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिससे अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में एम्स रायबरेली ने एक नई पहचान बनाई है। यह सफलता संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अमिता जैन के दूरदर्शी नेतृत्व और विशेषज्ञ चिकित्सकों की समर्पित टीमवर्क का परिणाम मानी जा रही है।

यह जटिल और हाई-प्रिसिजन सर्जरी हड्डी रोग विभाग द्वारा की गई, जिसमें रोबोट की सहायता से दो मरीजों के घुटने का सफल प्रत्यारोपण किया गया। पहले दिन की सर्जरी का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव कुमार उपाध्याय ने किया, जिनके साथ डॉ. मिथिलेश रंजन और डॉ. रजत यादव सर्जिकल टीम का हिस्सा रहे। वहीं दूसरे दिन की सर्जरी डॉ. पुलकेश सिंह द्वारा संपन्न कराई गई, जिनके साथ डॉ. संजय सिंह रावत ने अहम भूमिका निभाई। दोनों ही सर्जरी पूरी तरह सफल रहीं और मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

इस रोबोटिक सर्जरी की सफलता में एनस्थीसिया विभाग की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। विभागाध्यक्ष डॉ. अलीम के नेतृत्व में डॉ. कालीचरण, डॉ. अभय यादव, डॉ. विजय अदाबला और डॉ. विनय पाठक की टीम ने प्री-ऑपरेटिव असेसमेंट से लेकर ऑपरेशन के दौरान मॉनिटरिंग और पोस्ट-ऑपरेटिव पेन मैनेजमेंट तक हर चरण को बेहद सतर्कता के साथ संभाला। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ में श्री शुभम् गर्ग, शुभम् शर्मा तथा टेक्निशियन श्री साहिल का सहयोग भी सराहनीय रहा।

हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव कुमार उपाध्याय ने बताया कि Robotic Knee Replacement पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कहीं अधिक सटीक और सुरक्षित तकनीक है। इसमें मरीज के घुटने की संरचना के अनुसार पहले से डिजिटल सर्जिकल प्लान तैयार किया जाता है, जिससे हड्डी की कटाई, इंप्लांट की पोजिशनिंग और लिगामेंट बैलेंसिंग अत्यंत सटीकता से की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में सर्जन का पूरा नियंत्रण रहता है, जबकि रोबोट एक advanced tool के रूप में सहायता करता है, जिससे error की संभावना काफी कम हो जाती है।

कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर अमिता जैन ने कहा कि लंबे समय से घुटने के दर्द और आर्थराइटिस से जूझ रहे मरीजों के लिए Total Knee Replacement एक life-changing treatment साबित होता है। एम्स रायबरेली में रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण की शुरुआत से अब रायबरेली और आसपास के जिलों के मरीजों को world-class orthopedic care अपने ही राज्य में उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान की उन्नत सर्जिकल देखभाल और patient safety के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


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