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रिश्वत लेते कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स


बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के बीच मंगलवार को रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय (SDM Office) में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने वहां तैनात चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को 1 लाख 16 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे ऑफिस कैंपस में हड़कंप मच गया।

जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ली रिश्वत

सूत्रों के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने बिक्रमगंज के धनगांईं गांव निवासी राकेश कुमार ठाकुर से जमीन विवाद का निपटारा करने के नाम पर 1 लाख 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में पीड़ित की शिकायत पर Vigilance Bureau ने सत्यापन कराया और योजना बनाकर जाल बिछाया।

मंगलवार को तय समय पर जैसे ही आरोपी ने 1 लाख 16 हजार रुपये की पहली किस्त ली, निगरानी टीम ने मौके पर छापा मार दिया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे पटना ले जाया गया जहां पूछताछ के बाद उसे निगरानी की विशेष अदालत (Special Vigilance Court) में पेश किया जाएगा।

निगरानी डीएसपी का बयान

निगरानी डीएसपी नरेंद्र कुमार ने कहा कि,
“आरोपी कर्मचारी ने पीड़ित से कुल 1 लाख 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।”

दो-तीन महीनों में सातवीं कार्रवाई

रोहतास जिले में पिछले कुछ महीनों से लगातार भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की जा रही है। यह पिछले दो-तीन महीनों में सातवां बड़ा केस है जिसमें निगरानी या सीबीआई की टीम ने कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

इससे पहले भी हुई थीं छापेमारियां

ऑफिस परिसर में अफरा-तफरी

छापेमारी की जानकारी मिलते ही अनुमंडल कार्यालय में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, जैसे ही निगरानी टीम ने आरोपी को दबोचा, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई कर्मचारी इधर-उधर भागते दिखे, जबकि आम लोग यह नजारा देखकर हैरान रह गए।

जनता की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में बिना पैसे के काम मुश्किल से ही होता है।

क्यों बढ़ रहे हैं रिश्वतखोरी के मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही की ढील की वजह से ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि Vigilance Bureau की लगातार कार्रवाई से अब कर्मचारी और अधिकारी सतर्क हो गए हैं।

कार्रवाई का बड़ा संदेश

यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि कोई भी कर्मचारी भ्रष्टाचार में शामिल पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए भी सबक है जो आम जनता से पैसे की मांग करते हैं।

निष्कर्ष

बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में हुई यह बड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और सख्त कदम है। जब तक ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आम जनता को राहत नहीं मिलेगी।

निगरानी विभाग और सीबीआई की लगातार सक्रियता से यह उम्मीद जरूर बढ़ी है कि आने वाले दिनों में बिहार में Zero Tolerance Policy के तहत रिश्वतखोरी पर अंकुश लगेगा।


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