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रायबरेली में जननायक अखिलेश सिंह की बहन पूनम सिंह बनीं चर्चा का केंद्र

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रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश | कड़क टाइम्स

रायबरेली – जननायक कहे जाने वाले स्वर्गीय विधायक अखिलेश सिंह की छठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम ने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस मौके पर उनकी छोटी बहन और कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह न केवल भावुक नज़र आईं, बल्कि अपने भाई की विरासत को बचाने और समाज के लिए कार्य करने के संकल्प के साथ चर्चा का विषय भी बन गईं।

गुरु तेग बहादुर मार्केट में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए। जननायक स्व. अखिलेश सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि दी और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। यह नज़ारा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि रायबरेली की जनता के दिलों में आज भी अखिलेश सिंह के प्रति गहरी आस्था और सम्मान को दर्शा रहा था।


पूनम सिंह की पहल क्यों बनी चर्चा का विषय?

आज के दौर में अक्सर देखने को मिलता है कि भाई-बहन के रिश्ते संपत्ति और विरासत की लड़ाई में उलझ जाते हैं। लेकिन पूनम सिंह ने पिछले 6 वर्षों से अपने भाई की पुण्यतिथि को गरीबों और समाज की सेवा के रूप में मनाकर एक अलग मिसाल पेश की है।

उनका यह प्रयास रायबरेली ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में भाई-बहन के रिश्ते का अद्भुत उदाहरण (Unique Bond of Siblings) बन गया है। लोग कहने लगे हैं कि जहां अक्सर बहनें अपने भाइयों की संपत्ति और नाम की लड़ाई लड़ती दिखती हैं, वहीं पूनम सिंह अपने भाई की विरासत और सम्मान (Legacy & Respect) को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं।


जननायक अखिलेश सिंह की लोकप्रियता और जनता का जुड़ाव

अखिलेश सिंह का नाम रायबरेली की राजनीति और जनता की यादों में आज भी ज़िंदा है। उन्हें यहां के लोग सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि जननायक (People’s Leader) मानते हैं। उनकी मृत्यु के बाद भी जनता हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर उमड़ पड़ती है।

इस बार भी श्रद्धांजलि सभा और भंडारे में लोगों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि अखिलेश सिंह आज भी आम जनता के दिलों में जिंदा हैं।


पूनम सिंह का सामाजिक सरोकार

पूनम सिंह केवल अपने भाई की याद तक सीमित नहीं रहीं। वह लगातार गरीबों, ज़रूरतमंदों और समाज के कमजोर वर्गों के बीच कार्य कर रही हैं। कमला फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा की दिशा में उनका प्रयास उन्हें रायबरेली में एक नई पहचान दिला रहा है।

जनता मान रही है कि पूनम सिंह अपने भाई की विरासत (Political & Social Legacy) को न केवल बचा रही हैं, बल्कि उसे और मजबूत कर रही हैं।


रायबरेली की राजनीति पर असर

पूनम सिंह की यह सक्रियता कहीं न कहीं रायबरेली की राजनीति पर भी असर डाल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह जनता का समर्थन उन्हें मिल रहा है, आने वाले समय में वह रायबरेली की राजनीति में एक बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

लोग कह रहे हैं कि जिस तरह से उन्होंने अखिलेश सिंह की छवि को जिंदा रखा है, यह उन्हें जनता का स्वाभाविक समर्थन दिला सकता है।


निष्कर्ष

स्व. विधायक अखिलेश सिंह की पुण्यतिथि पर उनकी बहन पूनम सिंह द्वारा किया गया आयोजन न केवल रायबरेली की जनता को भावुक कर गया, बल्कि इसने पूरे प्रदेश में भाई-बहन के रिश्ते की एक नई मिसाल पेश की।

जहां एक ओर संपत्ति और विरासत को लेकर झगड़े आम हो चुके हैं, वहीं पूनम सिंह का यह प्रयास सच्चे रिश्तों और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया है।

रायबरेली के लोग अब यह मानने लगे हैं कि पूनम सिंह न सिर्फ अपने भाई की यादों को संजोए हुए हैं, बल्कि उनकी विरासत को समाज की सेवा में लगाकर उसे और भी महान बना रही हैं।


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