रिपोर्ट – संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश | कड़क टाइम्स
रायबरेली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
रायबरेली के लोकप्रिय नेता और पांच बार विधायक रहे स्वर्गीय अखिलेश सिंह की छठवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को श्रद्धांजलि सभा और भंडारे का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम शहर के गुरु तेग बहादुर मार्केट में संपन्न हुआ, जिसकी अगुवाई उनकी बहन और कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह ने की।
इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। सभी ने अखिलेश सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। पूजा-अर्चना और माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
पूनम सिंह का संबोधन
समारोह में पूनम सिंह भावुक हुईं और कहा कि यह अवसर केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे रायबरेली की जनता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अखिलेश सिंह हमेशा जनता के बीच रहे और उनके सुख-दुख में साथ खड़े हुए।
उन्होंने कहा कि हमें केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपनाकर समाज सेवा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी और यही उनकी स्थायी विरासत है।
अखिलेश सिंह: जनता के नेता
स्वर्गीय अखिलेश सिंह को रायबरेली की जनता “जननायक” कहकर याद करती है। वे पांच बार विधायक रहे और हर बार आमजन का विश्वास जीता। जाति और धर्म से ऊपर उठकर जनता की सेवा करना उनकी पहचान बनी। इसी वजह से आज भी रायबरेली की जनता उन्हें अपने दिलों में बसाए हुए है।
श्रद्धांजलि सभा की गरिमा
कार्यक्रम में जिले के कई सम्मानित नागरिक, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, डॉक्टर, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। मंच पर सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन तारीफ खान ने किया।
भंडारे का आयोजन
श्रद्धांजलि सभा के बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह केवल भोजन वितरण का आयोजन नहीं था, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी बना।
लोगों ने कहा कि अखिलेश सिंह की असली पहचान उनका सहयोगी स्वभाव था, जिसकी वजह से जनता उन्हें अपने परिवार जैसा मानती थी।
सोशल मीडिया पर यादें
कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए। लोग #AkhileshSingh, #Raebareli, #Shradhanjali जैसे हैशटैग के साथ उन्हें स्मरण कर रहे हैं। समर्थकों ने लिखा कि जनता का असली साथी कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्रमुख अतिथि
इस अवसर पर पूनम सिंह के साथ उनकी बहन गीता सिंह और ममता सिंह भी उपस्थित रहीं। इनके अलावा एडवोकेट अरविंद श्रीवास्तव, सभासद एस.पी. सिंह, सबिस्ता ब्रजेश, पुष्पा यादव, हसीना बानो, डॉ. चंपा श्रीवास्तव, डॉ. संतलाल, व्यापारी नेता पंकज मुरारका सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी ने कहा कि अखिलेश सिंह जैसी शख्सियत दुर्लभ होती है और उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अखिलेश सिंह के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने दिखाया कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम भी है।
निष्कर्ष
छठवीं पुण्यतिथि पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम रायबरेली की जनता के स्नेह और भावनाओं का प्रतीक रहा। भले ही अखिलेश सिंह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विचारधारा और सेवा भावना अमर है।
कमला फाउंडेशन और पूनम सिंह ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प दोहराया और जनता ने संदेश दिया कि जननायक कभी भुलाए नहीं जाते।





