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रात के उजाले में शिवभक्ति पर वार: श्री गौरी शंकर शिव मंदिर धाम से 5 कुंतल घंटा चोरी, सात दिन बाद भी खामोश प्रशासन

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली जनपद की ऊंचाहार तहसील अंतर्गत ग्राम सभा हमीदपुर बड़ागांव स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र श्री गौरी शंकर शिव मंदिर धाम में हुई सनसनीखेज चोरी ने न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं को आहत किया है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीती 7 दिसंबर 2025 की रात, जब पूरा गांव सोया हुआ था, उसी समय चोरों ने मंदिर परिसर में लाइट के उजाले में बेखौफ होकर तख्त लगाकर करीब 5 कुंतल वजनी पीतल का विशाल घंटा काटकर चोरी कर लिया। हैरानी की बात यह है कि इतनी भारी-भरकम चोरी के बावजूद सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं और मामले का कोई खुलासा नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस समय घंटा काटा जा रहा था, उस दौरान कटर की आवाज साफ तौर पर सुनाई दे रही थी। इसके बावजूद मंदिर के आसपास रहने वाले कई लोगों की चुप्पी आज चर्चा का विषय बनी हुई है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी वारदात के समय कोई सामने क्यों नहीं आया? क्या यह केवल डर था या फिर किसी दबाव का नतीजा? ग्रामीणों का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल ऊंचाहार पुलिस को दी गई थी, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई दिखी है और न ही चोरों तक पहुंचने के संकेत।

इस घटना ने law and order, temple theft, religious crime, police inaction जैसे मुद्दों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि यदि चोरों में पुलिस का खौफ होता, तो वे इतनी आसानी से रोशनी में घंटा काटने की हिम्मत नहीं करते। गांव में आक्रोश का माहौल है और लोग खुलकर कह रहे हैं कि कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव या सत्ता की हनक के चलते इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब मंदिर जैसे पवित्र स्थल भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? लोगों की मांग है कि इस मामले में उच्च स्तरीय जांच, CCTV फुटेज की जांच, और संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ की जाए। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रायबरेली के पुलिस अधीक्षक का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।


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