रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। प्रजापति समाज द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एस. एन. प्रजापति ने की, जबकि संयोजन का कार्य प्रजापति महासभा रायबरेली के जिलाध्यक्ष अवधेश प्रजापति ने संभाला।
समारोह का शुभारंभ समाज के महान पुरोधा और संविधान सभा सदस्य रत्नप्पा कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद समाज के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया।
मुंबई से पधारे वरिष्ठ समाजसेवी राजेश प्रजापति ने राहुल गांधी को संविधान की प्रति और अंगवस्त्र भेंट किया। वहीं प्रजापति महासभा रायबरेली के जिला उपाध्यक्ष अनिल प्रजापति ने उन्हें गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्मृति स्वरूप भेंट की।
इस अवसर पर प्रजापति समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया। खुद राहुल गांधी ने बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया और कहा कि “प्रजापति समाज मेहनतकश, सरल और ईमानदार समाज है। आपके पूर्वजों ने देश की मिट्टी और इतिहास को गढ़ा है। आज हमारी जिम्मेदारी है कि आपको शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी में पूरा हक दिलाएँ। संविधान ही आपकी ताकत है और हम इसे किसी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगे।”
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी राजेश प्रजापति ने भी समाज की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योग, व्यवसाय और राजनीति में प्रजापति समाज को अब तक उचित स्थान नहीं मिल पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि संविधान ही समाज की ढाल है और इसे मिटाने की साजिश करने वाली ताक़तों से सतर्क रहना होगा।
राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाज की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि प्रजापति समाज की वैध मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि समाज की शैक्षिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि जय चक्रवर्ती ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, छात्र-छात्राएँ और प्रबुद्धजन मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाया।