रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
पहाड़पुर कासो में चोरों का आतंक, लगातार चोरी से दहशत में ग्रामीण, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
हरचंदपुर (रायबरेली)। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पहाड़पुर कासो गांव इन दिनों चोरों के आतंक से जूझ रहा है। गांव में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है और पूरे इलाके में भय व असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि एक ही क्षेत्र में बार-बार चोरी की वारदातें हो रही हैं, लेकिन पुलिस अब तक न तो किसी ठोस नतीजे पर पहुंच पाई है और न ही चोरों तक पहुंचने में सफल हो सकी है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी गहरे सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले गांव के प्राचीन मंदिर से घंटे की चोरी की गई थी। यह घटना न सिर्फ आस्था से जुड़ी थी, बल्कि गांव की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान छोड़ गई थी। उस समय पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर लल्लन को सौंपी गई, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद न तो चोरी गया सामान बरामद हो सका और न ही चोरों की पहचान हो पाई। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में पुलिस की ढिलाई ने चोरों के हौसले और बुलंद कर दिए।
इसी लापरवाही का नतीजा सामने आया जब 16 जनवरी 2026 को चोरों ने एक बार फिर गांव को निशाना बनाया। इस बार पूर्व प्रधान धीरेंद्र सिंह उर्फ मिंटू के ट्यूबेल से कीमती सामान चोरी कर लिया गया। चोरी की यह दूसरी बड़ी घटना गांव में हुई, जिससे लोगों में दहशत और गुस्सा दोनों देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि चोर अब बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है।
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। लोग रात में पहरा देने को मजबूर हैं, फिर भी सुरक्षा को लेकर आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस न तो नियमित गश्त कर रही है और न ही संदिग्ध लोगों से पूछताछ। कई लोगों ने बताया कि चोरी के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंचती है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाती है। इससे आम जनता में यह संदेश जा रहा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने में पुलिस गंभीर नहीं है।
गांव में यह चर्चा भी आम है कि क्या चोर पुलिस कप्तान डॉ. यशवीर सिंह को खुली चुनौती दे रहे हैं, या फिर यह सब स्थानीय स्तर पर लापरवाही का नतीजा है। लोगों का कहना है कि जब एक ही क्षेत्र में बार-बार चोरी हो रही है, तो पुलिस को extra vigilance दिखानी चाहिए थी। CCTV जांच, night patrolling और informers के जरिए चोरों तक पहुंचा जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ भी जमीन पर नजर नहीं आ रहा।
ग्रामीणों में खासा रोष इस बात को लेकर है कि मंदिर चोरी जैसे संवेदनशील मामले का खुलासा आज तक नहीं हो सका। आस्था से जुड़े स्थल की सुरक्षा न हो पाना पुलिस के लिए एक serious concern माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे और क्षेत्र की law and order situation बिगड़ सकती है।
कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पुलिस को गांव के युवाओं और बुजुर्गों के साथ बैठक कर सुरक्षा को लेकर रणनीति बनानी चाहिए, ताकि आपसी सहयोग से अपराध पर लगाम लगाई जा सके। उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास बहाल करना बेहद जरूरी है।





