रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
नवाबगंज (गोंडा), 16 सितम्बर 2025।
नंदनी नगर महाविद्यालय, नवाबगंज गोंडा में सोमवार से एनसीसी का 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया। यह शिविर 48 उत्तर प्रदेश वाहिनी एनसीसी गोंडा के कमान अधिकारी कर्नल सुनील कपूर एवं प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रणयोद्ध सिंह के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।
इस संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (Annual Training Camp-162) और प्री-आईजीसी (Pre-IGC) कैंप का शुभारंभ सैन्य अनुशासन के साथ किया गया। यह कैंप 25 सितम्बर 2025 तक चलेगा, जिसमें गोंडा, गोरखपुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर जैसे जिलों से लगभग 600 से ज्यादा कैडेट्स भाग ले रहे हैं।
शिविर की मुख्य विशेषताएं
- प्रशिक्षण के लिए 6 एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (ANO) और 12 परमानेंट इंस्ट्रक्टर लगाए गए हैं।
- कैडेट्स को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- ड्रिल, फायरिंग, मैप रीडिंग, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा।
- कैडेट्स को एनसीसी के ध्येय वाक्य “एकता और अनुशासन” को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कमान अधिकारी का संबोधन
कमान अधिकारी कर्नल सुनील कपूर ने उद्घाटन अवसर पर कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अनुशासित और प्रशिक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और समाज सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।
कर्नल कपूर ने बताया कि इस कैंप के दौरान कैडेट्स को केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी की भी शिक्षा दी जाएगी।
10 दिवसीय कैंप क्यों है खास

आज के युवाओं के लिए यह कैंप केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि करियर निर्माण का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
- एनसीसी से जुड़े छात्रों को सेना, वायुसेना और नौसेना में भर्ती के समय अतिरिक्त लाभ मिलता है।
- इस तरह का प्रशिक्षण युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
- प्रतियोगी गतिविधियों से आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है।
- यह उन्हें एक अनुशासित नागरिक बनाता है जो समाज और राष्ट्र दोनों की प्रगति में योगदान देता है।
प्रतियोगिताएं और गतिविधियां
कैंप के दौरान कैडेट्स को रोजाना नई चुनौतियों और प्रतियोगिताओं का सामना करना होगा।
- ड्रिल प्रैक्टिस से अनुशासन और एकजुटता की शिक्षा।
- मैप रीडिंग से दिशा ज्ञान और युद्ध परिस्थितियों की समझ।
- फायरिंग प्रैक्टिस से आत्मरक्षा और साहस का विकास।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों से देशभक्ति की भावना को बढ़ावा।
- भाषण प्रतियोगिता से संचार और नेतृत्व कौशल का विकास।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
शिविर के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रणयोद्ध सिंह, मुख्य प्रशिक्षक अधिकारी मेजर राजाराम, कैंप एजुटेंट लेफ्टिनेंट विपिन शुक्ला, एस.एम. ए.पी. सिंह, सूबेदार कलाम सिंह, एएनओ, गर्ल्स कैडेट इंस्ट्रक्टर, केयरटेकर अधिकारी और पूरा पीआई स्टाफ मौजूद रहा।
इन अधिकारियों ने कैडेट्स को जीवन में अनुशासन और परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया।
निष्कर्ष
नंदनी नगर महाविद्यालय में शुरू हुआ यह वार्षिक प्रशिक्षण शिविर न केवल गोंडा बल्कि पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। यह शिविर उन्हें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ही भविष्य में देश सेवा और समाज सेवा की राह दिखाएगा।
“एकता और अनुशासन” के संदेश के साथ यह प्रशिक्षण शिविर आने वाले समय में युवाओं की सोच और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगा।