रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम तथा समाज में सुरक्षा के प्रति चेतना विकसित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अंतर्गत जनपद गोंडा के थाना नवाबगंज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिनांक 29 दिसंबर 2025 को ग्राम मिल्किनिया सेमरा शेखपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में गांव की चौपाल को माध्यम बनाकर महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित किया गया, जिससे अभियान का संदेश जनसामान्य तक प्रभावी रूप से पहुंच सका।
यह जागरूकता कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक जनपद गोंडा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। थाना नवाबगंज के थानाध्यक्ष की अगुवाई में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम द्वारा चौपाल का आयोजन कर महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास उत्पन्न करना तथा यह विश्वास दिलाना रहा कि उनकी सुरक्षा के लिए शासन और पुलिस सदैव तत्पर है।
चौपाल के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं से खुलकर बातचीत की। उन्हें बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान 5.0 केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने का एक व्यापक प्रयास है। प्रत्येक थाने पर स्थापित किए जा रहे मिशन शक्ति केंद्र की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई, जहां महिलाएं बिना किसी भय के अपनी समस्याएं साझा कर सकती हैं और त्वरित सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों जैसे छेड़छाड़, मानसिक एवं शारीरिक शोषण, दहेज उत्पीड़न, बाल अपराध तथा तेजाब हमले जैसे गंभीर विषयों पर सरल भाषा में चर्चा की गई। पुलिस टीम द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार की घटना की समय पर सूचना देना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि समय रहते दी गई जानकारी से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। इसी क्रम में महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न आवश्यक सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।
महिलाओं को उत्तर प्रदेश आपातकालीन सेवा एक सौ बारह, महिला सहायता सेवा दस नब्बे, महिला हेल्पलाइन एक सौ इक्यासी, बाल सहायता सेवा दस अट्ठानवे, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन दस छिहत्तर, स्वास्थ्य सेवा एक सौ दो तथा एंबुलेंस सेवा एक सौ आठ के विषय में विस्तार से समझाया गया। साथ ही वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए साइबर सहायता सेवा उन्नीस तीस के बारे में भी जानकारी दी गई और बताया गया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
चौपाल में बच्चों और महिलाओं को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के अंतर के विषय में भी जागरूक किया गया। उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार को कैसे पहचाना जाए तथा किसी भी असहज स्थिति में चुप न रहकर परिजनों, शिक्षकों या पुलिस से तुरंत सहायता कैसे ली जाए। इस अवसर पर जागरूकता से संबंधित पर्चे भी वितरित किए गए, जिनमें आवश्यक संपर्क नंबर और महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित थीं।
स्थानीय महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांव स्तर पर आयोजित होने से सही जानकारी सीधे जरूरतमंद तक पहुंचती है। कई महिलाओं ने अपनी समस्याएं और शंकाएं साझा कीं, जिनका समाधान पुलिस टीम द्वारा मौके पर ही किया गया। इससे महिलाओं में पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर मिशन शक्ति टीम में शामिल महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं से आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के भय या दबाव में आए बिना सहायता मांगने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब महिलाएं स्वयं आगे आकर अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए आवाज उठाएं।