रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
गोंडा। महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान 5.0 को प्रभावी बनाने के लिए गोंडा पुलिस लगातार ज़मीनी स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में 02 जनवरी 2026 को थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम दईयापुरवा कटरा भोगचंद्र में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम द्वारा एक जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों और बच्चियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में तथा पुलिस अधीक्षक गोंडा श्री विनीत जायसवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। चौपाल का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक श्री राधेश्याम राय एवं क्षेत्राधिकारी डॉ. उमेश्वर प्रभात सिंह के निर्देशन में थानाध्यक्ष नवाबगंज श्री अभय सिंह के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर रोक लगाना और उन्हें जागरूक कर आत्मविश्वास के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करना रहा।
चौपाल के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित किया और उन्हें बताया कि मिशन शक्ति अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक निरंतर प्रयास है। टीम द्वारा छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण, बाल अपराध, एसिड अटैक जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और यह समझाया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अपराध को सहन करना नहीं, बल्कि समय रहते इसकी सूचना देना जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को जानकारी दी कि प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इन केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहती हैं, जिससे पीड़ित महिलाओं को अपनी बात कहने में सहजता महसूस हो। चौपाल में यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस की प्राथमिकता पीड़िता की सुरक्षा, गोपनीयता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चियों को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इसमें यूपी आपातकालीन सेवा 112, वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्डलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, स्वास्थ्य सेवा 102 और एंबुलेंस सेवा 108 शामिल रहीं। पुलिस टीम ने इन नंबरों के उपयोग की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोई भी महिला या बच्ची तुरंत सहायता प्राप्त कर सके।
इसके साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी विशेष रूप से जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया पर उत्पीड़न या किसी भी डिजिटल अपराध की स्थिति में तुरंत इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
चौपाल के दौरान बच्चियों को गुड टच और बैड टच के बारे में व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे वे सही और गलत स्पर्श के अंतर को पहचान सकें। पुलिस टीम ने बच्चियों को यह भरोसा दिलाया कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है तो वे बिना झिझक अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें। जागरूकता को और मजबूत करने के लिए कार्यक्रम के अंत में संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए।
ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से न सिर्फ जानकारी मिलती है, बल्कि पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ता है। कई महिलाओं ने चौपाल के दौरान अपनी समस्याएं साझा कीं, जिन पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही मार्गदर्शन दिया।
इस अवसर पर मिशन शक्ति टीम में महिला उप निरीक्षक श्रीमती अंतिमा सिंह, महिला आरक्षी रोशनी देवी और महिला आरक्षी प्रांशी यादव सक्रिय रूप से मौजूद रहीं। टीम की सक्रिय भूमिका ने यह संदेश दिया कि महिला सुरक्षा केवल एक नारा नहीं, बल्कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।





