रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। सदर क्षेत्र के राही ब्लॉक अंतर्गत लोधवारी गांव में Mission Shakti Programme के तहत आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं के बीच जागरूकता की एक मजबूत लहर पैदा की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिनकी पहल से गांव की महिलाओं को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी मिला।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर कमला फाउंडेशन के सहयोग से तथा महिला कल्याण विभाग की ओर से बालिकाओं को sanitary pads का वितरण किया गया। इस पहल को महिलाओं ने खुले दिल से सराहा और इसे उनकी रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पूनम सिंह ने कहा कि जब तक बालिकाएं और महिलाएं स्वस्थ नहीं होंगी, तब तक सशक्त समाज की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी है।
अपने संबोधन में पूनम सिंह ने महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न welfare schemes की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, विधवा पेंशन योजना, बाल सेवा योजना, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में सरल भाषा में बताया और पात्र महिलाओं से इनका लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी, जब सही जानकारी सही व्यक्ति तक पहुंचेगी।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सुरक्षा से जुड़े helpline numbers की भी जानकारी दी गई। पूनम सिंह ने 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181, 1930 (साइबर अपराध), 112 (आपात सेवा) और 1090 (महिला सुरक्षा) नंबरों के महत्व को बताते हुए कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में इन नंबरों का तुरंत उपयोग करना चाहिए और डर या संकोच बिल्कुल नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
इस जागरूकता कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग की जिला समन्वयक शैफाली सिंह और जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी का विशेष सहयोग रहा। वहीं शालिनी सिंह, सीमा सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कमला फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण समाज को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।