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बसंत पंचमी पर नारायणपुर में ऐसा क्या हुआ कि ठंड में भी गरम हो गया इंसानियत का एहसास?

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

बसंत पंचमी का दिन जहां एक ओर ज्ञान, आस्था और परंपरा का प्रतीक माना जाता है, वहीं महराजगंज क्षेत्र की नारायणपुर ग्राम पंचायत में यह दिन मानवता और सेवा भावना की मिसाल बनकर सामने आया। गांव में सुबह से ही एक अलग ही माहौल देखने को मिला। ठंडी हवा के बीच लोगों के चेहरों पर मुस्कान थी और दिलों में अपनापन। वजह थी ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार लोधी द्वारा किया गया वह सामाजिक कार्य, जिसने जरूरतमंदों को न केवल राहत दी बल्कि समाज को सोचने पर भी मजबूर कर दिया।

नारायणपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार लोधी इन दिनों अपने सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों को लेकर क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। गरीबों, असहायों और जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने की उनकी निरंतर कोशिशों ने उन्हें एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर उन्होंने लगभग 300 कंबलों का वितरण कर यह संदेश दिया कि राजनीति से ऊपर मानवता और सेवा का भाव होना चाहिए।

यह कार्यक्रम नारायणपुर ग्राम पंचायत में जिला पंचायत प्रतिनिधि सरोज गौतम के आवास पर आयोजित किया गया, जहां सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। कंबल पाने वालों में बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और गरीब परिवारों के लोग शामिल थे। ठंड के इस मौसम में कंबल सिर्फ एक वस्त्र नहीं, बल्कि सुरक्षा और सुकून का अहसास बनकर लोगों तक पहुंचा। कंबल लेते समय कई लोगों की आंखों में आभार और चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था।

कंबल वितरण के दौरान ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार लोधी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जब तक गांव का सबसे कमजोर व्यक्ति मजबूत नहीं होगा, तब तक विकास अधूरा रहेगा। जरूरतमंदों की सेवा से ही समाज सशक्त बनता है और यही सच्ची सेवा है। उनके इस बयान ने वहां मौजूद लोगों को भावुक भी किया और प्रेरित भी।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि कंबल वितरण के साथ-साथ खिचड़ी भोज का भी आयोजन किया गया। बसंत पंचमी पर खिचड़ी भोज की परंपरा को निभाते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। यह दृश्य सामाजिक समरसता और भाईचारे की सजीव तस्वीर पेश कर रहा था। अमीर-गरीब, छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं दिखा, हर कोई एक पंक्ति में बैठकर प्रसाद स्वरूप खिचड़ी ग्रहण करता नजर आया। गांव की महिलाओं और युवाओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के इस मानवीय प्रयास की खुलकर सराहना की। लोगों का कहना था कि आज के समय में जब अधिकतर लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के बारे में सोचते हैं, ऐसे में ग्राम प्रधान द्वारा गरीबों के लिए किया गया यह कार्य समाज के लिए एक strong message है। कई बुजुर्गों ने इसे पुराने समय की उस परंपरा से जोड़ा, जब गांव के मुखिया हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े रहते थे।

कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे। जिला महामंत्री शरद सिंह, जिला उपाध्यक्ष जनमेजर सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता विद्यासागर अवस्थी, मंडल अध्यक्ष ब्लॉक शिवगढ़ तुलसी मौर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष शिवगढ़ जीबी सिंह, महराजगंज मंडल अध्यक्ष अमित कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा उपाध्यक्ष रहमत अली, अनुज गौतम, प्रदीप बाजपेई, सुशील चौरसिया सहित भारतीय जनता पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमा प्रदान की। सभी ने ग्राम प्रधान के प्रयास की सराहना करते हुए इसे एक inspirational initiative बताया।

बसंत पंचमी के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि अगर जनप्रतिनिधि चाहें तो त्योहार सिर्फ रस्म अदायगी नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। नारायणपुर ग्राम पंचायत में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ कंबल वितरण या खिचड़ी भोज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक सोच, एक संदेश और एक उदाहरण बनकर उभरा।


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