रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली।
जगतपुर-डलमऊ मार्ग की हालत इन दिनों इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को समझ ही नहीं आता कि वे सड़क पर चल रहे हैं या गड्ढों में। कस्बे के बैंक ऑफ बड़ौदा के पास का यह हिस्सा सबसे ज्यादा जर्जर हो चुका है, जहां बड़े-बड़े गड्ढों ने राहगीरों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। बरसात के दिनों में तो यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रोजाना भारी संख्या में ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिसकी वजह से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से मरम्मत की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। नतीजा यह हुआ कि गुस्साए ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना – सड़क पर चलना जानलेवा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस सड़क पर बने गहरे गड्ढों की वजह से बाइक, साइकिल और पैदल यात्रियों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई छोटे हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने तंज करते हुए कहा – “अब हालत यह है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है, पहचानना मुश्किल हो गया है।”
कांग्रेस नेताओं ने संभाली कमान
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के जिला महामंत्री राकेश सिंह राना ने किया। उनके साथ युवा अध्यक्ष अतेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, राजकुमार पाल, डॉ. शानू, दीपू सिंह, सोनू पटेल और अजय मौर्य भी मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर कस्बे में जुलूस निकाला और सड़क मरम्मत की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
राकेश सिंह राना ने कहा –
“जगतपुर-डलमऊ मार्ग यहां की जीवनरेखा है। इस पर रोज हजारों लोग सफर करते हैं। लेकिन जलभराव और ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़क टूट चुकी है। कई बार हमने प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन हमारी बात को नज़रअंदाज़ किया गया। अब मजबूर होकर हमें सड़क पर उतरना पड़ा।”
लोक निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग सड़क की दुर्दशा को नजरअंदाज कर रहा है। बजट जारी होने के बावजूद मरम्मत नहीं की जा रही। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही से सड़क की स्थिति इतनी खराब हुई है, और जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय लोग कर रहे परेशानी का सामना
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना बच्चों को स्कूल, कर्मचारियों को ऑफिस और मरीजों को अस्पताल ले जाना कठिन हो गया है। कई बार एम्बुलेंस तक गड्ढों में फंस जाती है। व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क के कारण व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
मुद्दा पकड़ रहा राजनीतिक रंग
सड़क की बदहाली अब राजनीतिक रंग भी लेने लगी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर जल्द सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त सड़क विकास की बातें होती हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को भुला दिया जाता है।
प्रशासन की स्थिति
अब तक प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन फाइलें प्रक्रिया में अटकी हुई हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क जल्द ठीक नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
निष्कर्ष
जगतपुर-डलमऊ मार्ग की यह जर्जर सड़क अब सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं रही, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा प्रश्न बन गई है। गड्ढों से भरी यह सड़क लोगों को परेशान कर रही है और अब जनआक्रोश का कारण बन चुकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तुरंत इस सड़क की मरम्मत कराए ताकि हादसों पर रोक लगे और लोगों को राहत मिल सके।





