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गोंडा के किसानों को बड़ी राहत: जिले में पहुँची 2100 मीट्रिक टन यूरिया, अब नहीं होगी खाद की कमी

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रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स
गोंडा | 23 अगस्त 2025

गोंडा जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। शनिवार को जिले को कुल 2100 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुई है। कृषि विभाग का कहना है कि यह मात्रा किसानों की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। साथ ही अगले चार दिनों में जिले को और 50,000 बोरी यूरिया मिलेंगी।

समितियों और विक्रेताओं के जरिए वितरण

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि यूरिया का वितरण जिले भर में व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। इसके लिए 38 साधारण सहकारी समितियां, 58 आईएफएंफडीसी किसान सेवा केंद्र, इफको ई-बाजार और 73 निजी उर्वरक विक्रेता अधिकृत किए गए हैं। ये केंद्र विभिन्न विकास खंडों में स्थित हैं ताकि किसानों को खाद अपने नजदीकी स्थान पर ही मिल सके।

खरीद में आधार कार्ड और खतौनी जरूरी

खाद वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। यूरिया खरीदते समय किसानों को आधार कार्ड और भूमि खतौनी साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही खरीद पर हर किसान को ई-पॉश मशीन से पर्ची दी जाएगी। यह पर्ची भुगतान और खाद प्राप्ति का प्रमाण होगी।

यदि कोई विक्रेता पर्ची देने से मना करता है या अधिक मूल्य वसूलता है, तो किसान सीधे कृषि विभाग से शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 05262-796594, 9140832231 और 7380323333 जारी किए गए हैं।

अफवाहों पर ध्यान न दें किसान

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की कमी से संबंधित किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और अगले कुछ दिनों में इसका अतिरिक्त स्टॉक भी जिले को मिलने वाला है।

समय पर बुआई सुनिश्चित

गोंडा कृषि क्षेत्र के लिए धान की फसल महत्वपूर्ण है। इस समय बुआई का मौसम चल रहा है और पर्याप्त खाद उपलब्ध होने से किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। कृषि विभाग का कहना है कि समय पर खाद मिलने से उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

किसानों ने जताया संतोष

कई किसानों ने विभाग की इस व्यवस्था को सराहा है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में खाद की कमी से दिक्कत होती थी लेकिन इस बार प्रशासन की तैयारी बेहतर है। आधार कार्ड और खतौनी से खरीद की प्रक्रिया से पारदर्शिता भी बनी रहेगी।

डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता

यूरिया वितरण को पूरी तरह डिजिटल किया गया है। ई-पॉश मशीन से पर्ची मिलने से न तो कालाबाजारी होगी और न ही किसी तरह की धांधली की संभावना बचेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि खाद केवल वास्तविक किसानों तक पहुँचे।

किसानों के लिए संदेश

प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि –


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