रिपोर्ट: आशीष श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
जनपद गोण्डा के थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने यह साफ कर दिया कि जब पुलिस, प्रशासन और समाज एक साथ खड़े होते हैं तो महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सिर्फ नारा नहीं बल्कि हकीकत बन जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे Mission Shakti Abhiyan 5.0 के अंतर्गत यहां Bahu Beti Sammelan का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं, किशोरियां और गांव की बेटियां एकजुट होकर अपने अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की बात सुनती और समझती नजर आईं। कार्यक्रम का नेतृत्व थाना प्रभारी श्री अभय सिंह के निर्देशन में मिशन शक्ति व एंटी रोमियो टीम ने किया, जबकि पूरा आयोजन पुलिस अधीक्षक गोंडा श्री विनीत जायसवाल के दिशा-निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री राधेश्याम राय और क्षेत्राधिकारी डॉ. उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में संचालित अभियान का हिस्सा था।
सम्मेलन में मौजूद महिलाओं और बालिकाओं को बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में बताया गया कि Mission Shakti Center हर थाने पर स्थापित किया जा रहा है, जहां किसी भी प्रकार की समस्या पर तुरंत सहायता मिल सकती है। खास बात यह रही कि टीम ने केवल भाषण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि real life examples के जरिए यह समझाया कि छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर क्राइम, stalking या किसी भी तरह की harassment होने पर चुप रहना नहीं बल्कि सही जगह पर शिकायत करना कितना जरूरी है। महिलाओं को यह भी बताया गया कि सरकार ने उन्हें 24×7 सुरक्षा देने के लिए कई हेल्पलाइन और emergency services शुरू की हैं, जिनका सही उपयोग उनकी जान और इज्जत दोनों बचा सकता है।
कार्यक्रम में यूपी आपातकालीन सेवा 112, Women Power Line 1090, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्डलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, स्वास्थ्य सेवा 102 और एंबुलेंस सेवा 108 जैसे नंबरों की जानकारी विस्तार से दी गई। इसके साथ ही बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए Cyber Helpline 1930 की अहमियत भी समझाई गई, ताकि कोई भी महिला या बच्ची ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग या सोशल मीडिया harassment का शिकार न बने। टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि एक छोटी सी कॉल कई बार बड़े अपराध को रोक सकती है।
सबसे प्रभावशाली हिस्सा तब देखने को मिला जब Good Touch और Bad Touch के विषय पर खुलकर बात की गई। ग्रामीण इलाकों में जहां अक्सर इस तरह के मुद्दों पर बोलने में झिझक होती है, वहां मिशन शक्ति टीम ने बेहद सहज तरीके से बच्चियों को यह समझाया कि कौन सा व्यवहार सही है और कौन सा गलत। उन्हें यह बताया गया कि अगर कोई भी व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, गलत तरीके से छुए या डराए-धमकाए, तो वह अपराध है और उसकी शिकायत करना उनका अधिकार है। बच्चियों की आंखों में जागरूकता और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, जो इस अभियान की असली सफलता को दर्शाता है।
सम्मेलन के दौरान महिलाओं को pamphlets भी वितरित किए गए, जिनमें सभी जरूरी हेल्पलाइन नंबर, मिशन शक्ति से जुड़ी जानकारियां और सुरक्षा से जुड़े टिप्स दिए गए थे, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत उनका इस्तेमाल कर सकें। गांव की कई महिलाओं ने मंच से यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं और उन्हें यह एहसास कराते हैं कि वे अकेली नहीं हैं, पूरा सिस्टम उनके साथ खड़ा है।
मिशन शक्ति टीम की महिला उप निरीक्षक श्रीमती अंतिमा सिंह, महिला आरक्षी रोशनी देवी और महिला आरक्षी प्रांशी यादव ने भी महिलाओं से सीधा संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस सिर्फ कानून लागू करने वाली संस्था नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा की partner है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत को गोपनीय रखा जाएगा और पीड़िता को पूरा सम्मान और सुरक्षा मिलेगी।