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जब एक मैदान में 1500 बच्चों की आवाज़ बनी लोकतंत्र की पहचान, क्या यही है आने वाले भारत की तस्वीर?

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली, 25 जनवरी 2026। लोकतंत्र की ताकत क्या होती है, इसका जीवंत उदाहरण उस समय देखने को मिला जब 177-विधानसभा बछरावां क्षेत्र में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन रामलीला मेला मैदान, महराजगंज में किया गया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने मतदाता जागरूकता को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। मैदान में मौजूद हजारों लोगों के बीच यह सवाल गूंजता रहा कि क्या यही वे युवा हैं, जो आने वाले समय में लोकतंत्र की दिशा तय करेंगे?

कार्यक्रम की शुरुआत एक सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल के साथ हुई। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सुपरवाइजर और बीएलओ को मंच से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि ground level पर मेहनत करने वाले उन कर्मियों के प्रति सम्मान था, जिनके प्रयासों से मतदाता सूची को मजबूत और त्रुटिरहित बनाया जा सका। इसी क्रम में 18 से 19 वर्ष के नवयुवक मतदाताओं को भी सम्मानित किया गया, जिनके चेहरे पर पहली बार लोकतंत्र का हिस्सा बनने की गर्व भरी मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी।

कार्यक्रम में विद्यालयों के बच्चों की भागीदारी ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। विभिन्न स्कूलों के करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मतदाता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया कि vote केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। गीत, नाटक और छोटे-छोटे संदेशों के जरिए बच्चों ने यह दिखा दिया कि अगर जागरूकता बचपन से दी जाए, तो democracy की नींव और मजबूत हो सकती है। दर्शकों में बैठे अभिभावक और अधिकारी बच्चों की प्रस्तुतियों से भावुक और प्रेरित नजर आए।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और यादगार दृश्य तब सामने आया, जब लगभग 1000 लोगों ने मिलकर मानव श्रृंखला के जरिए भारत का नक्शा तैयार किया। ऊपर से देखने पर यह दृश्य ऐसा लग रहा था मानो पूरा भारत खुद अपने मताधिकार के पक्ष में खड़ा हो। यह केवल एक visual presentation नहीं थी, बल्कि एक powerful message था कि जब लोग एकजुट होते हैं, तो लोकतंत्र का स्वरूप और भी प्रभावशाली बन जाता है। इसके बाद निकाली गई मतदाता जागरूकता रैली ने पूरे क्षेत्र में उत्साह भर दिया। रैली के दौरान “मेरा वोट, मेरी पहचान” और “Strong Democracy, Strong India” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाने का अवसर है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे मतदान को सिर्फ औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे देश के भविष्य से जुड़ा निर्णय मानें। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने भी निष्पक्ष और निर्भीक मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी सुरक्षित है, जब मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करे।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमृता सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिद्धार्थ, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा, उप जिलाधिकारी महराजगंज गौतम सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम केवल महराजगंज तक सीमित नहीं रहा। इसी तरह जनपद की सभी तहसीलों में भी राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन कर लोगों को राष्ट्रीय मतदाता शपथ दिलाई गई और आगामी चुनावों में अधिक से अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया। पूरे जनपद में एक ही संदेश गूंजता नजर आया—लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब हर मतदाता अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।


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