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डीएम ने 120 बालिकाओं को दी साइकिलें, कहा

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स


रायबरेली जिले में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी पढ़ाई को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन एनटीपीसी ऊँचाहार परिसर में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने शिरकत की।

इस कार्यक्रम के दौरान 120 बालिकाओं को साइकिलें वितरित की गईं। आयोजन में सहयोग एनटीपीसी ऊँचाहार प्रबंधन की ओर से किया गया।

लगभग 5 लाख की लागत से हुआ साइकिल वितरण

कार्यक्रम CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के तहत आयोजित किया गया। इस योजना पर करीब पांच लाख रुपये का खर्च आया, जिससे 120 बालिकाओं को नई साइकिलें दी गईं।

जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कहा कि यह कदम केवल साधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों को उनकी पढ़ाई और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक प्रयास है।

उन्होंने कहा:

“बेटियां जब पढ़ाई में आगे बढ़ेंगी तो परिवार और समाज दोनों ही मजबूत होंगे। यह साइकिल उनकी शिक्षा की राह आसान करेगी और आत्मविश्वास बढ़ाएगी।”

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी

इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:

सभी अधिकारियों ने बालिका सशक्तिकरण मिशन की इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए उपयोगी कदम बताया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में कई बार स्कूल दूर होने के कारण लड़कियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। परिवार आर्थिक और सुरक्षा कारणों से बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए रोक देते हैं।

अब इन साइकिलों की मदद से बालिकाएं आसानी से स्कूल- कॉलेज जा सकेंगी। इससे उनकी शिक्षा में निरंतरता बनी रहेगी और उनके अंदर आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित होगी।

बेटियों की खुशी

साइकिल मिलने पर बालिकाओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई छात्राओं ने कहा कि अब वे बिना परेशानी के स्कूल जा सकेंगी।

एक बालिका ने कहा:

“अब हमें रोज पैदल लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। यह साइकिल हमारे लिए पढ़ाई आसान बना देगी।”

एनटीपीसी की सामाजिक जिम्मेदारी

एनटीपीसी ऊँचाहार लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करता आ रहा है। कंपनी का कहना है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विकास में योगदान देना भी उतना ही जरूरी है।

सरकार की पहल से जुड़ाव

जिला प्रशासन इस कार्यक्रम को “बालिका सशक्तिकरण मिशन” के तहत चला रहा है। यह योजना राज्य सरकार की उन पहलों से जुड़ी है, जिनका उद्देश्य है –

डीएम ने कहा कि शिक्षा ही बेटियों को सशक्त बनाएगी और अभिभावकों को चाहिए कि वे लड़कियों को आगे बढ़ने का पूरा मौका दें।

निष्कर्ष

रायबरेली में आयोजित यह कार्यक्रम केवल साइकिल वितरण का आयोजन नहीं था, बल्कि यह बेटियों के लिए बेहतर भविष्य की ओर उठाया गया ठोस कदम था।

यह पहल साबित करती है कि जब प्रशासन और कॉर्पोरेट संस्थान साथ मिलकर काम करें तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है। बेटियों को दी गई यह साइकिलें उनकी शिक्षा की राह आसान करेंगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होंगी।


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