मिशन शक्ति 5.0 बना महिलाओं की ढाल: सतांव में पुलिस की संवेदनशील पहल ने जीते दिल, जरूरतमंद महिलाओं को मिला सुरक्षा व सम्मान का सहारा

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

जनपद रायबरेली में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा Mission Shakti Phase–5.0 अब ज़मीनी स्तर पर अपना असर दिखाने लगा है। इसी क्रम में कल दिनांक 17 जनवरी 2026 को थाना गुरुबक्शगंज क्षेत्र के ग्राम सतांव में महिलाओं के लिए एक विशेष Awareness & Support Programme का आयोजन किया गया, जिसने न केवल जरूरतमंद महिलाओं की समस्याओं को सामने लाया, बल्कि पुलिस की मानवीय सोच और संवेदनशील कार्यशैली को भी उजागर किया। इस जागरूकता अभियान के तहत टेंट लगाकर रह रहे परिवारों की महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित किया गया, जहां महिलाओं ने खुलकर अपनी रोजमर्रा की परेशानियों को साझा किया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने बताया कि वे मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। ठंड के इस कठिन मौसम में उनके पास पहनने, ओढ़ने और बिछाने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं की इन बातों को गंभीरता से लेते हुए थाना गुरुबक्शगंज स्थित मिशन शक्ति केंद्र पर तैनात महिला आरक्षी चारु शर्मा ने अत्यंत संवेदनशीलता और अपनत्व के साथ महिलाओं से बातचीत की और उनकी तत्काल आवश्यकता को समझते हुए मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराई।

इस अभियान के दौरान जरूरतमंद महिलाओं को सूट, साड़ी, शॉल, चादर सहित ठंड से बचाव की अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। वितरण केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि हर महिला से व्यक्तिगत रूप से बात कर यह समझने का प्रयास किया गया कि उसे वास्तव में किस चीज़ की जरूरत है। यह पहल महिलाओं के लिए सिर्फ राहत सामग्री नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का अहसास भी लेकर आई। कई महिलाओं की आंखों में राहत और भरोसे की चमक साफ दिखाई दे रही थी, जो इस बात का प्रमाण थी कि पुलिस अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी पूरी निष्ठा से निभा रही है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को Women Safety, Women Rights, Government Schemes, Helpline Numbers, Legal Awareness और मिशन शक्ति के मूल उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या असुरक्षा की स्थिति में वे बिना डर के पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। साथ ही 112, 1090, 181 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर यह भरोसा दिलाया गया कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। महिलाओं को यह भी समझाया गया कि आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है।

इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना, उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें यह एहसास कराना था कि वे समाज में अकेली नहीं हैं। मिशन शक्ति फेज–5.0 के तहत चलाया जा रहा यह अभियान महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए इस तरह के कार्यक्रम किसी वरदान से कम नहीं हैं, जहां अक्सर जानकारी के अभाव में वे अपने अधिकारों से वंचित रह जाती हैं।

कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं ने पुलिस प्रशासन और मिशन शक्ति टीम का दिल से आभार व्यक्त किया। महिलाओं का कहना था कि पहली बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि प्रशासन वास्तव में उनकी समस्याओं को सुन रहा है और समाधान के लिए आगे आ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता और सहायता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे गांव की हर महिला खुद को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सके।


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