रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली जिले के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के डंगरी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पुरानी रंजिश के चलते एक 12 वर्षीय बच्ची को जहरीला पदार्थ खिलाए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस वारदात ने न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है। वहीं, पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लगातार हो रही घटनाओं पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
घटना का पूरा विवरण
गांव निवासी रेखा ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार की पुरानी दुश्मनी आशा पत्नी वासुदेव से लंबे समय से चली आ रही है। इसी रंजिश के चलते आशा ने उनकी बेटी पूर्णिमा को मिठाई में जहरीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। मासूम बच्ची को इस साजिश का अंदेशा तक नहीं था और उसने मिठाई खा ली।
इसके बाद पूर्णिमा अपने स्कूल चली गई। कुछ ही देर बाद स्कूल से फोन आया कि बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उसे लगातार उल्टियां हो रही हैं। घबराए परिजन तुरंत बच्ची को घर ले आए और डायल 112 पर सूचना देकर जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर निगरानी रख रही है।
पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का कहना है कि डलमऊ क्षेत्र में लगातार हो रही वारदातों पर पुलिस की ढिलाई अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आज यह घटना नहीं होती।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस केवल कागजी कार्रवाई कर रही है और अपराधियों पर सख्त कदम उठाने से बच रही है।
गांव में फैली दहशत
गांव में इस घटना के बाद गहरा आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए मासूम बच्ची को निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की वारदात करने की हिम्मत न कर सके।
रंजिश की पृष्ठभूमि
गांव के लोगों का कहना है कि रेखा और आशा के परिवारों के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। अक्सर पंचायतों में इस मामले की चर्चा होती रही है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी पुरानी कड़वाहट ने अब खतरनाक रूप ले लिया है। पहले भी कई बार दोनों परिवारों में झगड़े और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार मासूम को निशाना बनाए जाने से स्थिति गंभीर हो गई है।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
यह खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर फैली, लोगों में आक्रोश फूट पड़ा। फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और ट्विटर (अब एक्स) पर लोग बच्ची के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। हैशटैग जैसे #JusticeForPoorNima, #RaeBareliNews और #CrimeInUP तेजी से ट्रेंड करने लगे। लोग लिख रहे हैं कि अगर पुलिस प्रशासन समय रहते सख्ती करता तो आज एक मासूम बच्ची अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग नहीं लड़ रही होती।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। मिठाई का सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी महिला पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।
लोगों की प्रतिक्रियाएं

गांव के लोगों ने इस वारदात पर गहरी नाराजगी जाहिर की है।
- ग्राम प्रधान रामस्वरूप का कहना है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जानी चाहिए।
- महिला समूह की सदस्य सविता देवी ने कहा कि पुरानी दुश्मनियां बड़ों तक सीमित रहनी चाहिए, बच्चों को निशाना बनाना अमानवीय है।
- स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि पूर्णिमा की हालत अचानक बिगड़ने पर सभी घबरा गए थे, हमने तुरंत परिवार को सूचना दी और उसे अस्पताल भिजवाया।
निष्कर्ष
डलमऊ क्षेत्र की यह घटना केवल एक परिवार या गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। पुरानी रंजिश अगर इस हद तक पहुंच जाए कि मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ जाए, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और दोषियों को किस हद तक सजा दिलाते हैं। लोगों की नजरें न्याय की ओर टिकी हैं।