“दलित विरोधी टिप्पणी या सियासी साजिश? राजा भैया के नाम पर वायरल पोस्ट ने रायबरेली में बढ़ाया बवाल?”

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रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली। कुंडा से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने जिले की सियासत में हलचल मचा दी है। इस पोस्ट को दलित विरोधी और SC-ST विरोधी बताकर प्रचारित किया गया, जिसे लेकर जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मामला इतना बढ़ा कि राजा भैया के समर्थकों ने इसे उनकी छवि को धूमिल करने की साजिश करार देते हुए रायबरेली थाने में बाकायदा पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) से जुड़े पार्टी नेता गया प्रसाद पासी द्वारा दर्ज कराई गई है। गया प्रसाद पासी, पुत्र भगवती प्रसाद, ग्राम बिन्नावां, पोस्ट दीनशाह गौरा, विकासखंड ऊंचाहार, जनपद रायबरेली के निवासी हैं और पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ, दीनशाह गौरा ब्लॉक के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर जानबूझकर एक ऐसा पोस्ट डाला गया, जिसका उद्देश्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।

शिकायत के अनुसार यह आपत्तिजनक पोस्ट दिनांक 21 जनवरी 2026, रविवार को फेसबुक के माध्यम से “संजय पासी” नामक व्यक्ति की आईडी से डाली गई। पोस्ट में कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए राजा भैया पर दलित विरोधी सोच रखने का आरोप लगाया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह पोस्ट न सिर्फ तथ्यहीन है, बल्कि समाज में जातीय तनाव पैदा करने की नीयत से की गई एक सोची-समझी कोशिश भी है। यही कारण है कि इस पोस्ट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनमानस में भी गहरा आक्रोश व्याप्त है।

गया प्रसाद पासी ने पुलिस को बताया कि जिस फेसबुक आईडी से यह पोस्ट की गई है, वह संजय पासी पुत्र जगजीवन, निवासी ग्राम हिलगी, पोस्ट कांसो पहाड़पुर, थाना हरचंदपुर, जनपद रायबरेली की बताई जा रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विवादित पोस्ट खबर लिखे जाने तक फेसबुक पर मौजूद है और लगातार शेयर व कमेंट के जरिए इसे और अधिक भड़काऊ रूप दिया जा रहा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह पूरी घटना political agenda के तहत की गई है, ताकि एक खास वर्ग की भावनाओं को भड़काकर राजा भैया की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

पार्टी समर्थकों का कहना है कि राजा भैया का राजनीतिक और सामाजिक जीवन सभी वर्गों के सामने है और उन्होंने कभी भी किसी जाति या समुदाय के खिलाफ बयान नहीं दिया। ऐसे में सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी करना न केवल गलत है, बल्कि कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आता है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के स्थानीय नेताओं ने इसे fake narrative बताते हुए कहा कि आज के digital era में सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी भी नेता की छवि खराब करने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन सच्चाई ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकती।

शिकायती पत्र में गया प्रसाद पासी ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ उचित और वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की पोस्ट समाज में नफरत फैलाने का काम करती हैं और यदि समय रहते इन पर कार्रवाई नहीं की गई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।


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