Kadak Times

झाड़फूंक से लेकर साइबर फ्रॉड तक मचेगा हड़कंप, रायबरेली एसपी का सख्त अल्टीमेटम—लापरवाह थानेदारों की लगी क्लास

Share this news

रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

रायबरेली। जिले में बढ़ते अपराधों, खासकर साइबर फ्रॉड और संगठित ठगी के मामलों को लेकर रायबरेली पुलिस अधीक्षक ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। पुलिस कार्यालय में आयोजित अपराध गोष्ठी (Crime Meeting) के दौरान एसपी ने साफ शब्दों में कहा कि झाड़फूंक के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले फर्जी बाबाओं, फर्जी सिम बेचने वालों, फर्जी खाते खुलवाने वाले साइबर अपराधियों, फर्जी जमानतदारों और अवैध सूदखोरों के खिलाफ अब “Zero Tolerance Policy” के तहत कार्रवाई होगी। बैठक में जिले भर के सभी थानेदारों के साथ-साथ क्षेत्राधिकारी (CO) भी मौजूद रहे।

अपराध गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक ने उन थानेदारों पर कड़ा रुख दिखाया, जिनके क्षेत्रों में ऐसे अपराध पनप रहे हैं लेकिन कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। एसपी ने दो टूक कहा कि यदि किसी भी थाना क्षेत्र में इस तरह के अपराध सामने आते हैं और पुलिस की लापरवाही उजागर होती है, तो जिम्मेदारी सीधे संबंधित थानेदार की तय की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि फर्जी बाबाओं द्वारा झाड़फूंक, तंत्र-मंत्र और इलाज के नाम पर की जा रही ठगी पर तत्काल शिकंजा कसा जाए और ऐसे मामलों में त्वरित FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से साइबर अपराध को मौजूदा समय का सबसे बड़ा और खतरनाक अपराध बताया। उन्होंने कहा कि फर्जी सिम कार्ड, फर्जी बैंक खाते और फर्जी जमानतदारों का नेटवर्क साइबर क्राइम को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे अपराधी पहले फर्जी पहचान के जरिए खाते खुलवाते हैं, फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, OTP फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, लोन ऐप फ्रॉड और अन्य Cyber Fraud में करते हैं। एसपी ने सभी थानों को निर्देश दिए कि बैंक, टेलीकॉम कंपनियों और Cyber Cell के साथ बेहतर Coordination बनाकर इन नेटवर्क्स को जड़ से खत्म किया जाए।

अपराध गोष्ठी में सूदखोरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अवैध ब्याज पर पैसा देने वाले सूदखोर समाज के कमजोर वर्ग को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ देते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही, अन्य रूटीन अपराधों जैसे चोरी, लूट, मारपीट, अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार पर भी लगातार सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान एसपी ने थानेदारों को यह भी स्पष्ट किया कि Crime Control सिर्फ कागजी रिपोर्ट तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि Ground Level पर इसका असर दिखना चाहिए। जनता में यह भरोसा पैदा होना चाहिए कि पुलिस उनके साथ खड़ी है और अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में थानों के कार्यों की समीक्षा और भी सख्ती से की जाएगी।


Share this news
Exit mobile version