रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली। जनपद के रतासों में बिजली बिल राहत योजना के अंतर्गत आयोजित तीसरे मेगा बिजली बिल जमा कैंप ने ग्रामीण उपभोक्ताओं के बीच जबरदस्त भरोसा और उत्साह पैदा किया। इसी माह पहले आयोजित दो सफल कैंपों के बाद ग्रामीणों की बढ़ती जागरूकता और सुविधा को देखते हुए यह तीसरा कैंप लगाया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। कैंप में बड़ी संख्या में बकायेदार उपभोक्ताओं ने पहुंचकर अपने pending electricity bills जमा किए और सरकार द्वारा दी जा रही राहत का पूरा लाभ उठाया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही और उपभोक्ताओं ने orderly manner में अपनी समस्याएं रखते हुए भुगतान प्रक्रिया पूरी की।
कैंप के दौरान कुल 42 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया, जिनसे ₹5,32,000 की राशि जमा कराई गई। सबसे अहम बात यह रही कि उपभोक्ताओं को लगभग ₹10,42,000 की उल्लेखनीय छूट प्रदान की गई, जिससे ग्रामीण परिवारों पर पड़ा आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ। उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले जहां पुराने बकाया बिलों को लेकर असमंजस और डर बना रहता था, वहीं इस योजना ने उन्हें clear settlement का अवसर दिया है। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि यह initiative उनके लिए राहत भरा साबित हुआ है और अब वे समय पर bill payment के प्रति ज्यादा सजग रहेंगे।
इस मौके पर विद्युत उपखंड अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने कैंप में पहुंचे ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का on-the-spot समाधान भी कराया। उन्होंने बिजली बिल राहत योजना की शर्तों और लाभों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना उपभोक्ताओं को आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे समय पर बिल जमा करें और किसी भी परेशानी की स्थिति में विभाग से सीधे संपर्क करें, ताकि समस्या का समाधान जल्द किया जा सके।
कैंप के सुचारु संचालन में विद्युत विभाग की टीम का अहम योगदान रहा। TG2 अमित वर्मा, दिनेश साहू, आशीष पाल और पंकज पटेल ने उपभोक्ताओं को बिल जमा करने की प्रक्रिया, छूट की गणना और अन्य औपचारिकताओं में पूरा सहयोग दिया। टीम के सहयोग से पूरा कैंप disciplined और smooth तरीके से संपन्न हुआ, जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
इस मेगा कैंप को सफल बनाने में स्थानीय समाजसेवी प्रतुल सिंह (रतासों) की भूमिका भी सराहनीय रही। उन्होंने लगातार जनसंपर्क कर ग्रामीणों को योजना के प्रति जागरूक किया और अधिक से अधिक लोगों को कैंप तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने उनके प्रयासों की खुले तौर पर प्रशंसा की और कहा कि ऐसे सामाजिक सहयोग से ही सरकारी योजनाएं ground level तक प्रभावी ढंग से पहुंच पाती हैं।