रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्s
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में अवैध मीट कारोबार लगातार फैलता जा रहा है और यह स्थिति अब आम लोगों की सेहत के साथ-साथ कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुकी है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिना लाइसेंस और बिना किसी सरकारी अनुमति के सड़क किनारे खुलेआम मांस की दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन आंखें मूंदे नजर आ रहे हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कहारों के अड्डे के पास सड़क किनारे कई ऐसी मीट शॉप्स धड़ल्ले से चल रही हैं, जहां न तो साफ-सफाई का कोई ध्यान रखा जा रहा है और न ही खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन हो रहा है। खुले में मांस काटा जा रहा है, गंदगी और दुर्गंध के बीच ग्राहक मजबूरी में खरीदारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दुकानों पर न तो कोई वैध लाइसेंस लगा होता है और न ही कभी किसी अधिकारी की जांच दिखाई देती है।
इसी तरह भदोखर थाना क्षेत्र के मुंशीगंज बाईपास के आसपास भी सड़क किनारे बड़ी मात्रा में अवैध मीट की बिक्री की जा रही है। हाईवे किनारे खुले में चल रहे इस कारोबार से न केवल ट्रैफिक और गंदगी की समस्या बढ़ रही है, बल्कि स्वास्थ्य जोखिम भी लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
इस पूरे मामले ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग खुद मान रहा है कि मीट की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं, फिर भी जिले में जगह-जगह मांस की बिक्री कैसे हो रही है। इस संबंध में विभाग के अधिकारी सी.आर. प्रजापति ने सुदर्शन न्यूज़ के संवाददाता वैभव बाजपेई से बातचीत में स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में उनके विभाग द्वारा शहर में मीट दुकानों के नए लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब लाइसेंस ही नहीं हैं, तो यह पूरा नेटवर्क किसकी शह पर चल रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध मीट कारोबार पर समय रहते रोक नहीं लगी तो यह कानून व्यवस्था और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। खुले में मांस बिक्री से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है, वहीं धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी यह विषय बेहद संवेदनशील है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द एक special drive चलाकर अवैध मीट दुकानों पर कार्रवाई करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
