रिपोर्ट: संदीप मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश कड़क टाइम्स
रायबरेली। भारत स्काउट और गाइड के नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स गदपुरी (हरियाणा) में आयोजित राष्ट्रपति स्काउट-गाइड रोवर-रेंजर अवार्ड वितरण समारोह में रायबरेली की अर्चना देवी को 2016 का राष्ट्रपति रेंजर अवार्ड प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण भारत सरकार, मनसुख मांडविया के हाथों प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर भारत स्काउट और गाइड संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. अनिल जैन, सांसद एवं दिल्ली भारत स्काउट गाइड राज्य अध्यक्ष मनोज तिवारी, नेशनल चीफ कमिश्नर के.के. खंडेलवाल सहित संस्था के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं पूरे देश से चयनित राष्ट्रपति स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर उपस्थित रहे।
वरिष्ठ लीडर ट्रेनर लक्ष्मीकांत शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2016 में पूरे उत्तर प्रदेश से केवल अर्चना देवी ही इस प्रतिष्ठित अवार्ड हेतु चयनित हुई थीं। लंबे इंतजार के बाद यह सम्मान मिलना उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे जनपद रायबरेली के लिए गर्व की बात है।
जिले में खुशी की लहर
अर्चना देवी की उपलब्धि पर जिले की लीडर ट्रेनर श्रीमती निर्मला देवी, श्रीमती साधना शर्मा, श्रीमती निरुपमा बाजपेयी, श्रीमती कान्ति गुप्ता, श्रीमती लक्ष्मी सिंह, डॉ. नीलिमा श्रीवास्तव, श्रीमती मोहित उपाध्याय, प्रतिमा सिंह, वंदना श्रीवास्तव, लीडर ट्रेनर श्रीराम यादव, सचिव शत्रुघ्न सिंह परिहार, कोषाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह, सहायक लीडर ट्रेनर देवेंद्र बाजपेयी, जितेंद्र सिंह और हरनाथ पांडे सहित अनेक लोगों ने बधाई दी।
वर्तमान में अर्चना देवी गुरुकुल पब्लिक स्कूल, पुरासी हलोर, महाराजगंज में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। विद्यालय की संस्थापक पूजा मिश्रा और प्रधानाचार्य बेबी सिंह ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान स्काउट-गाइड में जिले की प्रतिष्ठा को ऊँचाई देगा।
स्काउट-गाइड मूवमेंट में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
अर्चना देवी की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रही हैं। स्काउट-गाइड मूवमेंट का उद्देश्य केवल discipline, leadership और social responsibility सिखाना ही नहीं है, बल्कि युवाओं में आत्मनिर्भरता और देश सेवा का भाव जगाना भी है।
राष्ट्रपति रेंजर अवार्ड देश के स्काउट-गाइड आंदोलन का सर्वोच्च सम्मान है, जिसे पाने के लिए प्रतिभागियों को कड़े प्रशिक्षण और सामाजिक सेवाओं की कसौटी से गुजरना होता है।
स्थानीय लोगों में उत्साह
अर्चना देवी के सम्मानित होने की खबर मिलते ही रायबरेली में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ने पूरे जनपद का मान बढ़ाया है।
डिजिटल युग में नई पहचान
आज जब youth empowerment और women leadership की चर्चा हो रही है, ऐसे समय में अर्चना देवी की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उनका मानना है कि यदि महिलाएं शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में पूरी लगन से काम करें, तो उन्हें भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
निचोड़
अर्चना देवी को राष्ट्रपति रेंजर अवार्ड मिलना रायबरेली के लिए ऐतिहासिक पल है। यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। आने वाले समय में यह सम्मान युवाओं और विशेष रूप से महिलाओं को स्काउट-गाइड से जुड़कर समाज सेवा के लिए प्रेरित करेगा।





