रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स
रायबरेली जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बीच बीती रात एक सनसनीखेज मुठभेड़ सामने आई, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। सालोन कोतवाली क्षेत्र के मानिकपुर रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस गश्त के दौरान संदिग्धों से आमना-सामना हो गया। पुलिस को देखकर भाग रहे बदमाशों में से एक ने फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। इस दौरान गोवध के एक वांछित आरोपी मो० नफीस के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया।
घटना 27 और 28 दिसंबर की मध्यरात्रि की बताई जा रही है। पुलिस टीम रोजाना की तरह night patrol पर निकली हुई थी। मानिकपुर रोड स्थित छोटा घोसियाना नहर की पुलिया के पास एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक दिखाई दिए। पुलिस वाहन को देखते ही दोनों ने अचानक बाइक मोड़ ली और तेज रफ्तार में भागने लगे। यह हरकत पुलिस को संदिग्ध लगी और टीम ने उनका पीछा शुरू कर दिया।
कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही बाइक सवारों में से एक ने अचानक पुलिस की ओर फायर झोंक दिया। हालात को भांपते हुए पुलिस ने खुद की सुरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोली एक बदमाश के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने घायल आरोपी को तुरंत काबू में लिया और हालात संभालते हुए उसे प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सालोन पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में आरोपी का इलाज शुरू किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में पुलिस विभाग का कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ। मुठभेड़ के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार बदमाश मो० नफीस पहले से ही कानून की नजर में वांछित था। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मो० नफीस शातिर किस्म का अपराधी है और उस पर लगभग दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी और पुलिस को उसके इलाके में सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की। बाइक का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा था और उसके कागजातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किन-किन वारदातों में किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई के बाद थाना सालोन में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी केस पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा। वहीं फरार दूसरे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते कुछ समय से इस क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। देर रात होने वाली घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद इलाके में राहत महसूस की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त policing से अपराधियों में खौफ पैदा होता है और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ zero tolerance policy अपनाई गई है। गोवध जैसे संवेदनशील मामलों में लिप्त लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। किसी भी हालत में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस का फोकस clear है कि अपराध करने वालों को या तो जेल भेजा जाएगा या फिर कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाकर सख्ती से निपटा जाएगा। 
इस मुठभेड़ को पुलिस की सतर्कता और quick response का नतीजा माना जा रहा है। रात के अंधेरे में भी पुलिस टीम ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। एक ओर जहां वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं दूसरी ओर उसके नेटवर्क और सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश तेज कर दी गई है।