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कड़ाके की ठंड में अचानक गांव में जल उठा सेवा का अलाव… क्या है इस आयोजन की असली वजह?

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रिपोर्ट: माया लक्ष्मी मिश्रा मिश्रा, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, कड़क टाइम्स

महराजगंज, रायबरेली।

जब ठंड अपने चरम पर थी और लोग घरों से निकलने में भी हिचकिचा रहे थे, उसी समय नारायणपुर ग्राम पंचायत में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान खींच लिया। गांव के बीचों-बीच न केवल विशाल खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ, बल्कि जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम ने सैकड़ों चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। इस पूरे आयोजन की कमान ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार लोधी के हाथों में थी, जिनके नेतृत्व में यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और जनसेवा का प्रतीक बन गया।

नारायणपुर गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही ग्रामीणों का आना-जाना शुरू हो गया था। ठंड के बावजूद लोगों में उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, कार्यक्रम स्थल पर भीड़ बढ़ती चली गई। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे सभी एक ही पंक्ति में खड़े नजर आए, जहां न कोई भेद था और न कोई ऊंच-नीच। यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही, जिसने इसे एक सामान्य कार्यक्रम से कहीं ऊपर खड़ा कर दिया।

इस अवसर पर ग्राम सभा के तीन सौ से अधिक जरूरतमंद परिवारों को कंबल वितरित किए गए। ठंड से जूझ रहे गरीब और असहाय परिवारों के लिए यह कंबल किसी राहत से कम नहीं थे। कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर जो संतोष और खुशी दिखाई दी, वही इस आयोजन की असली सफलता थी। कई बुजुर्गों ने कहा कि ऐसे समय में जब महंगाई और ठंड दोनों परेशान कर रही हैं, ग्राम प्रधान द्वारा किया गया यह प्रयास उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान विशाल खिचड़ी भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। खिचड़ी भोज सिर्फ भोजन का आयोजन नहीं था, बल्कि यह सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दे रहा था। एक ही पंगत में सभी वर्गों के लोगों का बैठकर भोजन करना गांव में चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने इसे social harmony का बेहतरीन उदाहरण बताया।

ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार लोधी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति जनता के सुख-दुख में सहभागी बनता है, वही सच्चा जनसेवक होता है। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में हर वर्ष ठंड के मौसम में कंबल वितरण की परंपरा रही है, ताकि कोई भी परिवार ठंड से पीड़ित न रहे। उनका कहना था कि विकास सिर्फ सड़कों और भवनों से नहीं होता, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना भी विकास का अहम हिस्सा है।

प्रधान ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं को कागजों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर हर व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के तहत यह आयोजन किया गया, ताकि समाज के कमजोर वर्ग को यह एहसास हो सके कि ग्राम पंचायत उनके साथ खड़ी है।

कार्यक्रम में ग्राम सभा के सैकड़ों सदस्यों की उपस्थिति रही, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस मौके पर मुकेश कुमार, देशराज, श्यामलाल, दिनेश कुमार, दीनदयाल, रावत, राममिलन, संजय, रामकुमार, मनोज कुमार, रामप्रसाद, रोहित त्यागी, गुड्डू, गुरुप्रसाद, रामदीन, रामखेलावन, राजकरन, अखिलेश, अरविंद, रामराज और संतराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि गांव में आपसी भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार लोधी का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा।


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