रायबरेली के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन, खेल के जरिए समाजिक एकता का संदेश

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रिपोर्टर: संदीप मिश्रा, रायबरेली
दिनांक: 08 जून 2025

रायबरेली में खेल और सौहार्द का बेहतरीन संगम उस समय देखने को मिला जब शहर के प्रतिष्ठित मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में एक मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के तीन अहम स्तंभों—पुलिस विभाग, चिकित्सक समुदाय और मीडिया प्रतिनिधियों—के बीच आपसी सहयोग, समझ और सौहार्द को दर्शाने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास बन गया।

इस विशेष आयोजन का सफल संचालन जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह और जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के संरक्षण और दिशा-निर्देशन में हुआ। यह मैच रायबरेली की दो प्रमुख टीमों—डॉक्टरों की टीम और मीडिया-पुलिस की संयुक्त टीम—के बीच खेला गया।

खेल की शुरुआत और टॉस

मैच की शुरुआत टॉस से हुई, जिसमें डॉक्टरों की टीम ने जीत हासिल की और पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। शुरुआत से ही डॉक्टरों की टीम ने संयम और कुशल रणनीति का परिचय दिया।

डॉक्टरों की पारी: संयमित और सधी हुई बल्लेबाजी

डॉक्टरों की टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 125 रनों का लक्ष्य खड़ा किया। बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर सटीक शॉट्स लगाए और समझदारी से रन चुराए। कप्तान के नेतृत्व में टीम ने एकजुट होकर जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए विपक्षी टीम के सामने एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।

मुख्य आकर्षण रहा डॉ. निखिल सिंह का प्रदर्शन, जिन्होंने 30 रन बनाए और कई आकर्षक स्ट्रोक्स से दर्शकों का दिल जीत लिया। टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी रन गति बनाए रखने में सहयोग किया।

मीडिया-पुलिस की पारी: आक्रामक शुरुआत, शांत जीत

126 रनों का पीछा करते हुए मीडिया-पुलिस की टीम ने आरंभ से ही आक्रामक रुख अपनाया। उनकी रणनीति साफ थी—तेज़ शुरुआत और बीच के ओवरों में साझेदारी पर ध्यान। पहले तीन ओवरों में ही टीम ने 35 रन जोड़ दिए, जिससे मैच पर पकड़ बनाना शुरू किया।

इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने 28 रन बनाकर टीम को मजबूती दी, वहीं पत्रकार अमित मिश्रा की संयमित पारी ने मैच को संतुलन में रखा। अंततः 14.2 ओवर में टीम ने लक्ष्य प्राप्त कर मैच जीत लिया।

आयोजन का उद्देश्य और संदेश

इस आयोजन का उद्देश्य केवल एक खेल प्रतियोगिता करना नहीं था, बल्कि इसके ज़रिए समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ जोड़ना और आपसी विश्वास को मज़बूत करना भी था। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि समाज के विभिन्न विभाग आपस में संवाद और सहयोग के ज़रिए सकारात्मकता को बढ़ावा दे सकते हैं।

इस आयोजन ने यह भी संदेश दिया कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। डॉक्टरों, पुलिस और मीडिया के प्रतिनिधियों ने एक साथ खेलकर यह साबित किया कि पेशेगत जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक समरसता भी आवश्यक है।

दर्शकों की भागीदारी और उत्साह

मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने पूरी तन्मयता और उत्साह से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को एक पारिवारिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। मैच की कमेंट्री, समय-समय पर बजते तालियों के स्वर और हर चौके-छक्के पर गूंजती सराहना ने इस मैच को एक उत्सव का रूप दे दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना

जिला अधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की पहल की चारों ओर प्रशंसा हुई। मैच समाप्ति के बाद दोनों अधिकारियों ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें बेहतर खेल भावना और प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने भविष्य में इस तरह के और आयोजनों की योजना बनाने की बात कही।

भविष्य की योजनाएं

प्रशासन की ओर से संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में इस तरह के आयोजनों की एक श्रृंखला चलाई जाएगी, जिसमें फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसे खेल शामिल किए जाएंगे। साथ ही महिला अधिकारियों और शिक्षकों के लिए विशेष आयोजन की योजना भी प्रस्तावित की जा रही है।

समाज में सकारात्मक संदेश

रायबरेली का यह आयोजन एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे खेलों के माध्यम से सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जा सकता है। पुलिस, डॉक्टर और मीडिया जैसे महत्वपूर्ण पेशे के लोग एक साथ मैदान में उतरें और सौहार्दपूर्ण वातावरण में खेलें, यह स्वयं में एक प्रेरणास्पद घटना है।

यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन सकता है कि समाज को जोड़ने के लिए केवल संवाद ही नहीं, खेल जैसे माध्यम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

निष्कर्ष

मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित यह मैत्री क्रिकेट मैच न केवल एक खेल आयोजन रहा, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल, स्वास्थ्य जागरूकता और सौहार्द का उत्सव बन गया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब विभिन्न विभाग एक साथ आकर खेलते हैं, तो एक सशक्त, स्वस्थ और सामूहिक सोच वाला समाज तैयार होता है।

यह आयोजन रायबरेली के लिए न केवल एक खेल दिवस रहा, बल्कि इसे एक सकारात्मक और प्रेरणादायक दिन के रूप में याद रखा जाएगा।

रिपोर्टर
संदीप मिश्रा
रायबरेली | कड़क टाइम्स


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